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Karnataka: कर्नाटक में भाजपा राज में आएसएस को दी गई जमीन की होगी जांच, मंत्री दिनेश गुंडू ने दिए संकेत

Fri, 09 Jun 2023 04:40 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू

सार

कर्नाटक सरकार में मंत्री दिनेश गुंडु राव ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक सरकार आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों को भाजपा राज में आवंटित की गई सैकड़ों एकड़ जमीन की समीक्षा करेगी।
 
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Dinesh Gundu Rao - फोटो : Twitter
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विस्तार
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कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडु राव ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक सरकार आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों को भाजपा राज में आवंटित की गई सैकड़ों एकड़ जमीन की समीक्षा करेगी।

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साथ ही मंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार द्वारा जारी कुछ निविदाओं को रद्द कर दिया गया है जबकि अन्य पर विचार किया जाएगा। साथ ही राव ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों के कामकाज और अच्छे सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए अगले सप्ताह एक बैठक में चर्चा की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि राज्य में सैकड़ों एकड़ सरकारी भूमि आरएसएस और संघ परिवार से जुड़े संगठनों के नाम पर हस्तांतरित की गई है। उनके अनुसार, इस तरह के आवंटन के पीछे का उद्देश्य इन संगठनों को बढ़ने में मदद करना था और इसके साथ ही इसकी विचारधाराओं को भी विकसित होना चाहिए।
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आगे मंत्री राव ने कहा कि इस तरह से जमीन का आवंटन नहीं होना चाहिए। लोगों को हर बात की जानकारी देनी चाहिए। कुछ भी गुप्त नहीं रखना चाहिए। लोगों को पता होना चाहिए। हर चीज को एक तरह से लेना उचित नहीं है। इसलिए हमें कदम उठाने होंगे।



मीडिया द्वारा उनसे सवाल किया गया कि क्या इन सबके खिलाफ कोई कदम उठाया है तो उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल कुछ नहीं सकते लेकिन कांग्रेस सरकार भविष्य में जरूर करेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकारी स्तर पर होना चाहिए जहां राजस्व विभाग और मुख्यमंत्री को यह देखना है कि क्या हुआ है और यह कैसे हुआ है। उन्हें यह देखने के बाद फैसला करना होगा कि क्या यह कानूनी रूप से किया गया है और किस कीमत के लिए आवंटित किया गया है क्योंकि ये सभी कानूनी मामले हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 108-एम्बुलेंस निविदा और डायलिसिस अनुबंध जैसे कुछ निविदाओं को रद्द कर दिया। राव ने कहा कि अन्य मुद्दे भी हैं, जैसे कि हमारे विभाग, अधिकारियों और डॉक्टरों के कामकाज और सार्वजनिक स्वास्थ्य की देखभाल। उन्होंने यह भी बताया कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मुहैया कराने के लिए मौजूदा व्यवस्था में सुधार के लिए उनके विभाग से जुड़े कुछ नीतिगत मामलों पर विशेषज्ञों से चर्चा की जाएगी। 

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