राजनीति घर में नहीं की जाती है: डीके शिवकुमार
शिवकुमार ने कहा, 'मैंने तुंगा आरती देखी है। हमारे विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन को विकसित करने के लिए मैंने एक कार्यक्रम पर काम करने का अनुरोध किया था जिससे ऐसी ही एक आरती मेरे विधानसभा क्षेत्र में मेकेदातु के पास कावेरी और अर्कावती नदी के संगम पर आयोजित की जा सके। उन्होंने (आनंद सिंह) कहा है कि इसके लिए एक टीम भेजी जाएगी।' उन्होंने इस बैठक को लेकर लगाई जा रही सभी सियासी अटकलों को खारिज किया और कहा कि यह कोई राजनीतिक मुलाकात नहीं थी।
कांग्रेस नेता ने कहा, 'आनंद सिंह एक मंत्री हैं। वह राजनीतिक उद्देश्य के साथ मेरे घर पर सार्वजनिक रूप से कैसे आ सकते हैं? कोई ऐसा नहीं करेगा। राजनीति या तो होटलों में की जाती है या अतिथि गृहों में, घर पर नहीं।' उन्होंने कहा कि मैं एक वरिष्ठ नेता हूं। वह मेरे पास प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए निजी तौर पर जानकारी देने के लिए आए थे। बाद में आनंद सिंह ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिवकुमार पहले ही बैठक के बारे में बता चुके हैं और मेरे पास और कुछ कहने के लिए नहीं है।
शिवकुमार से मिलने पर आनंद सिंह ने कही ये बात
आनंद सिंह ने कहा, 'जब मैं अपने बहनोई के घर से लौट रहा था तब शिवकुमार ने मुझे फोन कर परियोजना पर चर्चा करने के लिए कहा था। मैं उनके आवास के पास से ही गुजर रहा ता तो उन्होंने मुझे अपने घर बुला लिया। इसके अलावा और कोई कारण नहीं था।' बता दें कि मुख्यमंत्री बोम्मई ने आनंद सिंह को कोप्पल का जिला प्रभारी मंत्री नियुक्त किया है। वहीं कहा जा रहा है कि सिंह इससे खुश नहीं हैं क्योंकि वह नए बने विजयनगर जिले के प्रभारी बनना चाहते थे जो कि उनका पैतृक स्थान है।
पिछले साल भी आनंद सिंह ने जताई थी नाराजगी
इसी बीच इस बैठक को लेकर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बस इतना कहा कि आपको इस बारे में उनसे ही पूछना होगा। आनंद सिंह ने पिछले साल भी खुले तौर पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी जब बोम्मई ने उन्हें पर्यावरण, परिस्थितिकी और पर्यटन मंत्रालय सौंपा था। उन्होंने लंबे समय तक बेहतर पोर्टफोलियो की उम्मीद में मंत्री के तौर पर कार्यभार भी ग्रहण नहीं किया था। बाद में मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के समझाने के बाद आनंद सिंह माने थे।