फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnataka: कर्नाटक केपीएसएस घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, पूर्व चेयरमैन के घर समेत 21 ठिकानों पर मारे छापे

Tue, 18 Aug 2026 01:54 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, बंगलूरू

सार

ईडी ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के वेटनरी ऑफिसर भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्नाटक और गुजरात के 21 ठिकानों पर छापेमारी की। लाखों रुपये रिश्वत मांगने, पेपर लीक और रिश्तेदारों के अवैध चयन के आरोप है। 
विज्ञापन
ईडी की बड़ी कार्रवाई - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के निलंबित किए गए चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस साहूकार, सदस्य शांता होसमनी और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई वेटनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। यह जानकारी एक अधिकारियों ने दी। 

विज्ञापन


अधिकारियों ने क्या बताया? 
उन्होंने बताया कि राज्य और गुजरात में लगभग 21 जगहों की तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई तब शुरू की गई जब केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन कथित अनियमितताओं के संबंध में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया।

कहां- कहां मारे गए छापे? 
तलाशी वाले ठिकानों में बंगलूरू में केपीएससी का ऑफिस,  निलंबित किए गए केपीएससी चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस साहूकार और सदस्य शांता होसमनी के घर है। इसके साथ ही कुछ कथित बिचौलिए, 'एडुटेस्ट सॉल्यूशंस' नाम की कंपनी (जो परीक्षा के पेपरों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए जिम्मेदार थी) का ऑफिस और वेटनरी ऑफिसर के पद के लिए चुने गए उम्मीदवार शामिल हैं।
विज्ञापन


अधिकारियों ने बताया कि ये 21 ठिकाने कर्नाटक में बंगलूरू, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी, बेलगावी और बेलगाम में फैले हैं। इसके  साथ ही कुछ ठिकाने गुजरात के अहमदाबाद में भी हैं। ईडी अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने बंगलूरू पुलिस (विधान सौधा पुलिस स्टेशन) की ओर से दर्ज चार एफआई पर संज्ञान लिया, जिनमें वेटनरी ऑफिसर के अंतिम चयन में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।

क्या आरोप है? 
आरोप है कि कुछ बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत उम्मीदवारों को फोन किया। इसके साथ ही चयन के लिए 70 से 80 लाख रुपये (प्रति उम्मीदवार) की रिश्वत मांगी। अधिकारियों ने बताया कि मामले के शिकायतकर्ता ने पुलिस को इन बिचौलियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, ईडी की जांच में पेपर लीक, ओएमआर आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ और केपीएससी अधिकारियों के रिश्तेदारों के अंतिम चयन में मदद करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। जुलाई में, कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने साहूकार को उनकी दो बेटियों के इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ऑफिसर के तौर पर अवैध चयन में मदद करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें