Karnataka CM BS Yediyurappa and Maharashtra Water Resource Minister Jayant Patil
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कर्नाटक और महाराष्ट्र दोनों ही राज्यों ने जल बंटवारे के मुद्दे को हल करने पर सहमति जताई है। बाढ़ प्रबंधन और दोनों राज्यों के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति के संबंध में बेहतर समन्वय और संपर्क विकसित करने निर्णय लिया गया है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और गृह विभाग के मंत्री बसावराज बोम्मई ने दोनों राज्यों के बीच पानी के मुद्दे को सुलझाने के लिए महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के बाद येदियुरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि दोनों राज्य बाढ़ के कुशल प्रबंधन के लिए बारिश और कृष्णा व भीमा बेसिन से पानी छोड़ने पर वास्तविक समय के आंकड़े साझा करने पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कृष्णा और भीमा नदी घाटियों में बाढ़ के बेहतर प्रबंधन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा, दोनों राज्यों के बीच मंत्री स्तर, सचिव स्तर और क्षेत्र स्तर पर बेहतर समन्वय और संचार का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, एक तकनीकी टीम महाराष्ट्र से चार टीएमसी पानी लाने की दिशा में काम करेगी और बदले में पश्चिमी राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पानी छोड़ेगी।
दूधगंगा परियोजना को महाराष्ट्र देगा धन
दोनों राज्य दूधगंगा परियोजना को जल्द संपन्न करने पर सहमत हुए और महाराष्ट्र भी इसके लिए राशि जारी करेगा। मंत्री जयंत पाटिल ने संवाददाता सम्मलेन में कहा, महाराष्ट्र दूधगंगा परियोजना के लिए पर्याप्त धन की आपूर्ति करेगा। कृष्णा बेसिन क्षेत्र में अप्रैल, मई के महीने में पानी कमी की ओर इशारा करते हुए बोम्मई ने कहा कि 2013 से महाराष्ट्र राज्य को पानी छोड़ने के लिए पैसे ले रहा है। हालांकि इस बात पर सहमति बन गई है कि कर्नाटक भुगतान नहीं करेगा।