कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में हुई हिंसा के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के पास किसी संगठन की भूमिका को लेकर कोई ठोस सबूत नहीं है। इसको देखते हुए राज्य सरकार फिलहाल किसी संगठन पर प्रतिबंध नहीं लगाने जा रही है।
राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद कानून मंत्री जेसी मधुस्वामी ने कहा, हम किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके। पुलिस और सरकार के दूसरे विभागों से हिंसा में किसी संगठन की भूमिका को लेकर कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
इसके बाद हमने इस मसले को यहीं पर समाप्त करने का फैसला किया। हिंसा में सरकार किसी संगठन पर फिलहाल प्रतिबंध लगाने नहीं जा रही है। पुलिस और दूसरे विभागों की रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
फेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर 11 अगस्त की देर रात बंगलूरू में गुस्साई भीड़ ने कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर तोड़फोड़ और आगजनी की थी। भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन को भी आग के हवाले कर दिया था।
इस दौरान पुलिस की फायरिंग में तीन लोग मारे गए थे। पुलिस ने हिंसा में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के एक नेता समेत सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया था।