लश्कर ए ताइबा के एक आतंकी को यहां की एक स्थानीय अदालत ने आतंकियों को धन मुहैया कराने व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी ठहराते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने बिलाल अहमद कूटा उर्फ इमरान जलाल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बिलाल कर्नाटक से अपनी गतिविधियों को संचालित करता था।
विशेष पीएमएलए अदालत के जज शिवशंकर अमरन्नावर ने बृहस्पतिवार को सजा सुनाई। यह मामला 2007 में शुरू हुआ था जब कर्नाटक पुलिस ने बिलाल को एके सिरीज की असाल्ट राइफल, 200 गोलियों, पांच हथगोले और एक सैटेलाइट फोन के साथ बंगलूरू से गिरफ्तार किया था।
बिलाल पर आईपीसी की धाराओं के तहत भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, हथियार और विस्फोटक रखने और अन्य धाराओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वह साल 2001 से इन गतिविधियों में संलिप्त था साथ ही वह पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर का सदस्य भी था। ईडी ने भी बिलाल के खिलाफ साल 2009 में पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था।