IAS-IPS Row: कर्नाटक में आपस में क्यों भिड़ीं दो महिला नौकरशाह, विवाद कोर्ट कैसे पहुंचा, अब तक क्या-क्या हुआ?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 23 Feb 2023 06:50 PM IST
सार
कर्नाटक की आईपीएस डी रूपा मौदगिल ने रविवार को अपने फेसबुक पेज पर आईएएस रोहिणी सिंधुरी की तस्वीरें वायरल कर दीं। उन्होंने दावा किया कि महिला आईएएस ने पुरुष आईएएस अधिकारियों को अपनी निजी तस्वीरें भेजकर सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया है।
कर्नाटक में महिला नौकरशाहों के बीच विवाद
- फोटो : AMAR UJALA
कर्नाटक में दो वरिष्ठ महिला नौकरशाहों के बीच की तनातनी सोशल मीडिया के बाद आखिरकार कोर्ट तक पहुंच गई है। आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी ने आईपीएस अधिकारी रूपा डी सहित 60 अन्य के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के बाद बेंगलुरु की स्थानीय अदालत ने डी रूपा सहित सभी प्रतिवादियों को आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ 'अपमानजनक बयान' देने पर रोक लगा दी है।
आइये जानते हैं दोनों वरिष्ठ महिला अधिकारियों के बीच विवाद क्या है और कैसे शुरू हुआ? अब तक इस विवाद में क्या-क्या हुआ है?
कर्नाटक में महिला नौकरशाहों के बीच विवाद
- फोटो : AMAR UJALA
कर्नाटक में दो वरिष्ठ महिला नौकरशाहों के बीच की तनातनी सोशल मीडिया के बाद आखिरकार कोर्ट तक पहुंच गई है। आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी ने आईपीएस अधिकारी रूपा डी सहित 60 अन्य के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के बाद बेंगलुरु की स्थानीय अदालत ने डी रूपा सहित सभी प्रतिवादियों को आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ 'अपमानजनक बयान' देने पर रोक लगा दी है।
आइये जानते हैं दोनों वरिष्ठ महिला अधिकारियों के बीच विवाद क्या है और कैसे शुरू हुआ? अब तक इस विवाद में क्या-क्या हुआ है?
IAS रोहिणी सिंधुरी- IPS डी रूपा
- फोटो : सोशल मीडिया
वरिष्ठ महिला अधिकारियों के बीच विवाद क्या है और यह कैसे शुरू हुआ?
कर्नाटक की आईपीएस अधिकारी डी रूपा मौदगिल ने रविवार को अपने फेसबुक पेज पर आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी की तस्वीरें वायरल कर दीं। उन्होंने दावा किया कि महिला आईएएस अधिकारी ने पुरुष आईएएस अधिकारियों को अपनी निजी तस्वीरें भेजकर सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहिणी सिंधुरी ने 2021 से 2022 के बीच तीन आईएएस अधिकारियों को ये तस्वीरें भेजी थीं।
इससे एक दिन पहले आईपीएस अधिकारी डी रूपा ने आईएएस सिंधुरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। रूपा ने कहा कि उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और मुख्य सचिव वंदिता शर्मा से की है।
अब तक क्या-क्या हुआ?
खुद पर आरोप लगने के बाद आई आईएएस सिंधुरी की सफाई
तस्वीरें वायरल होने के बाद रविवार 19 फरवरी को महिला आईएएस सिंधुरी ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि डी रूपा उनके खिलाफ एक झूठा अभियान चला रही हैं और उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा, अगर मैंने ये तस्वीरें आईएएस अधिकारियों को भेजी हैं, तो वह उनके नामों का भी खुलासा करें।
कर्नाटक के गृह मंत्री
- फोटो : SOCIAL MEDIA
गृह मंत्री ने कार्रवाई की चेतावनी दी
दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों के बीच सार्वजनिक विवाद ने कर्नाटक सरकार को भी असमंजस में डाल दिया है। सोमवार 19 फरवरी को राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों के 'खराब व्यवहार' का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। अरागा ज्ञानेंद्र ने बताया कि उन्होंने विवाद के बारे में पुलिस प्रमुख से बात की है और मुख्यमंत्री को भी मामले से अवगत कराया गया है। उन्होंने एक बयान में कहा, 'हम चुप नहीं बैठे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिस तरह से वो व्यवहार कर रही हैं वह सही नहीं है।'
बिना पोस्टिंग तबादला हुआ
दोनों वरिष्ठ महिला नौकरशाहों को मंगलवार 20 फरवरी को कर्नाटक सरकार ने बिना कहीं पोस्टिंग किए तबादला कर दिया। इसके अलावा सरकार ने रूपा के पति मुनीश मौदगिल को तत्काल प्रभाव से कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर स्थानांतरित कर दिया है। जो अभी तक सर्वेक्षण बंदोबस्त एवं भू-अभिलेख विभाग के आयुक्त की जिम्मेदारी निभा रहे थे। तबादले से पहले डी रूपा कर्नाटक हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक हैं और सिंधुरी हिंदू धार्मिक संस्थानों और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग की आयुक्त हैं।
(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
लड़ाई सोशल मीडिया से कोर्ट पहुंची
सरकार की चेतावनी और कार्रवाई के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। इस बीच, आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी ने आईपीएस अधिकारी रूपा डी सहित 60 लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। सिंधुरी की ओर से 21 फरवरी को मुकदमा दायर किया गया और बुधवार को अतिरिक्त शहर सिविल और सत्र न्यायाधीश के समक्ष यह सुनवाई के लिए आया। रोहिणी के वकील ने मीडिया और रूपा को उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक बयान देने और प्रकाशित करने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा की मांग की। अदालत को बताया गया कि सेवा नियमों के मुताबिक रोहिणी ने राज्य के मुख्य सचिव के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही उन्होंने रूपा के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की है।
कोर्ट ने लगाई अपमानजनक बयान देने पर रोक
सिंधुरी ने मानहानि करने वाला बयान देने से रोकने के आदेश की मांग करते हुए आवेदन दायर किया था। गुरुवार 23 फरवरी को कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते सभी प्रतिवादियों को रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ अपमानजनक बयान देने से रोकते हुए सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर दिया। मामले को अगली सुनवाई के लिए सात मार्च को होगी।