कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड ने बुधवार को सूर्यनगर फेज-चार आवास परियोजना में 'भूखंड आवंटन पत्र' के आधार पर जमीन खरीदने के खिलाफ सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि ऐसे लेन-देन अवैध हैं और इससे धोखाधड़ी व आर्थिक नुकसान हो सकता है। मामले को लेकर आवास आयुक्त ने एक सार्वजनिक सूचना में बताया कि बेंगलुरु शहरी जिले के अनेकल तालुका के इंदलावाड़ी, कडुजक्कनहल्ली और बग्गनडोड्डी गांवों में कुल 1,498 एकड़ और 39 गुंटा जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह जमीन सूर्यनगर फेज-चार आवासीय योजना के विकास के लिए ली गई थी।
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क्या हैं साझेदारी का नियम
यह परियोजना बोर्ड और जमीन मालिकों के बीच 50:50 की साझेदारी के आधार पर विकसित की जा रही है। इस पर विकास कार्य भी चल रहा है। इस योजना के अंतर्गत, विकसित भूमि का 50 प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिकों को दिया जाता है। जमीन मालिकों को जारी किए गए दस्तावेजों की स्थिति साफ करते हुए बोर्ड ने कहा, 'जमीन मालिकों को दिया गया 'सांकेतिक भूखंड चयन पत्र' केवल एक दस्तावेज है जो चयन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में उनके लिए निर्धारित भूखंड को दिखात है। यह पत्र भूखंड को हस्तांतरित करने, समझौता करने या बेचने का कोई अधिकार नहीं देता है।'
अधिकारियों ने क्या कहा?
अधिकारियों ने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ जमीन मालिक इन सांकेतिक पत्रों का दुरुपयोग कर बिक्री समझौते कर रहे हैं। साथ ही वे लोगों को भूखंड हस्तांतरित भी कर रहे हैं। बोर्ड ने कहा कि कुछ मामलों में नकली और जाली चयन पत्र भी बनाए और प्रसारित किए जा रहे हैं। इसे बोर्ड ने गंभीर अपराध बताया है।
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बोर्ड ने जनता को दी सलाह
बोर्ड ने जनता को सलाह दी है कि वे जमीन मालिकों के नाम पर मंडल से औपचारिक आवंटन पत्र जारी होने के बाद ही जमीन खरीदें। इसके बाद ही पंजीकरण और ई-खाता जारी किया जाएगा। बोर्ड ने कहा किसी भी अवैध लेन-देन, धोखाधड़ी या जनता को हुए नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
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