कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई हत्या के मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने शनिवार को कहा कि इस हत्या में स्थानीय लोगों का हाथ है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
घटना में शामिल स्थानीय लोग
कर्नाटक के गृह मंत्री ज्ञानेंद्र ने कहा कि सूचना के अनुसार प्रवीण हत्याकांड में शामिल लोग मंगलुरु (दक्षिण कन्नड़) जिले की सीमा के स्थानीय लोग हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पृष्ठभूमि और वे किस संगठन से संबंधित हैं, इन सभी कोणों से पुलिस पूछताछ कर रही है और उन्हें पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। दरअसल, पुलिस को पहले हत्या से पड़ोसी राज्य केरल का संबंध होने का संदेह था। इसी क्रम में पुलिस ने पड़ोसी राज्य में जांच के लिए टीमें भेजी थीं और वहां की पुलिस के संपर्क में थीं। पुलिस के मुताबिक, जिस जगह पर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या हुई थी वो सीमा के नजदीक थी।
बता दें, कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की अज्ञात हमलावरों ने 26 जुलाई की रात को हत्या कर दी थी। नेट्टारू भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव थे। जानकारी के मुताबिक नेट्टारू मंगलवार की रात अपनी दुकान बंद कर रहे थे तभी बाइक पर आए अज्ञात हमलावरों ने उन पर कुल्हाड़ी और तलवार से हमला किया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। इस तरह से भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था।
भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद राज्य में बवाल मचा हुआ है। इसको देखते हुए कर्नाटक सरकार ने प्रवीण हत्याकांड मामले को NIA को सौंपने का फैसला किया है। इससे पहले दक्षिण कन्नड़ जिले में भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव नेट्टारू की हत्या का मामले ने राज्य में बवाल मचा रखा है। नेट्टारू की बेल्लारे क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। हिंदू संगठनों ने हत्या में पीएफआई और एसडीपीआई का हाथ होने का शक जताया था।
प्रहलाद जोशी ने लगाया था आरोप
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने आरोप लगाया था कि केरल सरकार पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठनों को बढ़ावा दे रही है। वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस इन्हें प्रोत्साहित कर रही है। हमारी राज्य सरकार इन्हें काबू में करेगी दोषियों पर कार्रवाई होगी। जोशी ने कहा था कि आरंभिक रिपोर्ट व कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हत्या के पीछे पीएफआई व एसडीपीआई का हाथ है।
हत्या का उदयपुर कनेक्शन
एक मीडिया रिपोर्ट में नेता भाजपा नेता नेट्टारू की हत्या का उदयपुर कनेक्शन होने का भी दावा किया जा रहा है। कहा गया है कि नेट्टारू ने उदयपुर के टेलर कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में 29 जून को सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी थी। इसमें एक फोटो भी साझा किया गया था। इसमें कहा गया था कि सिर्फ राष्ट्रवादी विचारधारा का समर्थन करने के कारण एक टेलर की गला काटकर हत्या कर दी गई।