कर्नाटक हाईकोर्ट में एक शिकायतकर्ता द्वारा स्वयंभू तांत्रिक नित्यानंद के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई छोड़ने और देश से बाहर समय सीमा समाप्त हो चुके पासपोर्ट पर भागने और ट्रायल कोर्ट में अपनी छूट याचिकाओं में गलत अभ्यावेदन करने पर भी जमानत रद्द करने की मांग की गई है। गौरतलब है कि नित्यानंद ने अपनी याचिका में कहा था कि वह अभी भी भारत में है।
अदालत ने आदेश दिया है कि जल्द से जल्द राज्य और नित्यानंद को नोटिस जारी किया जाए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि इस मामले की अगले सप्ताह सुनवाई की जाएगी।
इससे पहले बुधवार को इंटरपोल ने स्वयंभू तांत्रिक नित्यानंद के खिलाफ ब्लू कार्नर नोटिस जारी किया गया था। गुजरात पुलिस ने बताया था कि उसकी तलाश के लिए यह नोटिस जारी किया गया है। कर्नाटक में खुद के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद नित्यानंद देश से फरार हो गया है।
गुजरात ने पुलिस ने नित्यानंद के खिलाफ पिछले साल नवंबर में दर्ज एफआईआर के संदर्भ में एक स्थानीय अदालत में दाखिल चार्जशीट में ब्लू कार्नर नोटिस जारी होने का खुलासा किया। उसके गुजरात स्थित आश्रम से दो लड़कियों के गायब होने के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई थी।
डीएसपी केटी कमरिया ने बताया कि नित्यानंद के खिलाफ यह नोटिस इस महीने जारी किया गया। उन्होंने कहा कि वे उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी कराने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य पुलिस ने नित्यानंद को वांछित घोषित किया हुआ है।
क्या है ब्लू कार्नर नोटिस
इंटरपोल अपने सदस्य देशों के अपराधियों के खिलाफ अलग-अलग नोटिस जारी करता है जैसे, रेड, ब्लू, ब्लैक, पर्पल, ऑरेंज और यलो कार्नर नोटिस। ब्लू कार्नर नोटिस भगोड़े अपराधी की तलाश के लिए जारी किया जाता है। आपराधिक जांच के सिलसिले में एक व्यक्ति का पता लगाने या उसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए ब्लू कार्नर नोटिस जारी किया जाता है जबकि रेड कार्नर नोटिस वांछित व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए जारी किया जाता है।