कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, दिसंबर के पहले हफ्ते टीकाकरण मुख्य रूप से निजी और सरकारी स्कूलों में केंद्रित रहेगा। इसके बाद अगले दो हफ्तों में स्वास्थ्य संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदायों के बीच टीकाकरण अभियान पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
इंसेफेलाइटिस के खिलाफ सोमवार से तीन सप्ताह तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में एक से 15 वर्ष की आयु वर्ग के 48 लाख बच्चों को टीका लगाया जाएगा। ये बातें रविवार को कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने कहीं।
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सुधाकर ने कहा, भारत में इंसेफेलाइटिस की वजहों में जापानी इंसेफेलाइटिस एक है। हर साल इसके कुल 68 हजार मामले सामने आते हैं। इनमें मृत्यु दर करीब 20 से तीस फीसदी है। वहीं, ठीक होने वालों में से 30 से 50 फीसदी स्नायु संबंधी कमजोरी और अन्य स्थायी शारीरिक व मानसिक अक्षमताओं से पीड़ित हो जाते हैं।
उन्होंने आगे कहा, दिसंबर के पहले हफ्ते टीकाकरण मुख्य रूप से निजी और सरकारी स्कूलों में केंद्रित रहेगा। इसके बाद अगले दो हफ्तों में स्वास्थ्य संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और समुदायों के बीच टीकाकरण अभियान पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय टीकाकरण अभियान के लिए जेनवैक टीके की आपूर्ति करेगा।
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एक आधिकारिक विज्ञप्ति में वायरस के लिए जिन दस सबसे ज्यादा संवेदनशील जिलों के रूप पहचान की गई है, उनमें बेल्लारी, रायचूर, कोप्पल, विजयपुर, चिक्कबल्लापुर, कोलार, मंड्या, धारवाड़, चित्रदुर्ग और दावणगेरे शामिल हैं।