कर्नाटक उच्च न्यायालय ने यूट्यूबर समीर एमडी को राहत देते हुए उन्हें विवादित सौजन्या हत्या मामले पर चर्चा करने वाले उनके वीडियो को लेकर जारी पुलिस नोटिस पर रोक लगा दी। समीर और उनके वकील ने अदालत से कहा कि पुलिस का नोटिस मनमाना और कानूनी रूप से गलत था।
बता दें कि यह मामला सौजन्या नामक 17 वर्षीय छात्रा की हत्या से जुड़ा है, जिसकी लाश 9 अक्टूबर 2012 को नेत्रवती नदी के पास मिली थी। पुलिस ने संतोष राव पर हत्या का आरोप लगाया, लेकिन 2023 में बेंगलुरु की अदालत ने उसे बरी कर दिया। साथ ही सौजन्या के परिवार ने आरोप लगाया था कि संतोष राव को गलत तरीके से फंसाया गया और जांच में कई खामियां थीं। परिवार ने यह भी दावा किया कि धार्मिक नेता वीरेंद्र हेगड़े ने असली अपराधियों को बचाया।
समीर ने अपने चैनल पर किया था पोस्ट
समीर ने इस मामले पर अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो पोस्ट किया, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया। पुलिस ने समीर के खिलाफ नोटिस जारी किया, लेकिन समीर के वकील ने अदालत में इसे गलत बताया। अदालत ने पुलिस के नोटिस पर रोक लगा दी, जिससे समीर के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को तत्काल रोका गया।
इस बीच, कर्नाटक पुलिस के अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो की निगरानी बढ़ा दी और कहा कि इस वीडियो की वजह से कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है, क्योंकि लोग इस पर खुलकर चर्चा करने लगे हैं।