कावेरी के जल मुद्दे पर जल रहे कर्नाटक ने तमिलनाडु को पानी देने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। हालांकि कर्नाटक लंबे समय से कावेरी मुद्दे पर अन्याय का सामना करता रहा है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पांच सितंबर के फैसले को लागू करने में असमर्थता का कारण सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से आया फैसला है। इस वजह से पैदा हुई स्थितियों से हमें निपटना होगा। न्यायपालिका के निर्देश को हमें व्यवस्थाापिका में लागू करना होगा।
मीडिया के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आज पानी छोड़ा है और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और तत्काल मुलाकात का समय मांगा है।
'हिंसा किसी समस्या का हल नहीं'
कावेरी
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उन्होंने कहा कि संभव है कि मैं उनसे बुधवार को मिलूं। यह सच है कि हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। हमें समाज में सद्भावना और शांति बनाए रखनी होगी। त्यौहारों को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सोमवार को मैसूर रोड पर हिंसा भड़कने के बाद मंगलवार को हमने और सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें न्यायपालिका में पूरा भरोसा है। राज्य में भड़की हिंसा के बाद अभी तक 350 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिन्होंने सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। इनकी पहचान टीवी चैनलों और पुलिस की निशानदेही पर की गई है।
राज्य में कानून व्यवस्था के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। सार्वजनिक संपत्ति को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के अनुसार हमने छह दिन के लिए पानी छोड़ा है। कोर्ट के निर्णय का पालन करना मुश्किल है, लेकिन हम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन कर रहे हैं।
जान गंवाने वालों को 10 लाख का मुआवजा
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कावेरी मुद्दे पर राज्य में भड़की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए मीडिया से अपील करते हुए उन्होंने सरकार के साथ सहयोग करने की बात कही।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंगलोर केवल कर्नाटक की राजधानी नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शहर है और भारत का सिलिकॉन वैली है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर का अनुपालन बहुत मुश्किल है, लेकिन हम कोशिश करेंगे कि कावेरी के बेसिन एरिया बेंगलुरु, मैसूर, मांड्या जैसे इलाकों में पीने के लिए पर्याप्त पानी हो।