Karnataka: कर्नाटक सरकार ने भीड़ नियंत्रण और बड़े आयोजनों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें पुलिस से लोगों की जान बचाने, टकराव रोकने और संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है। सरकार ने भीड़ के सोशल मीडिया से प्रभावित होने की बात कही और पहले से तैयारी व कम बल प्रयोग पर जोर दिया है
कर्नाटक सरकार ने भीड़ को नियंत्रित करने और बड़े स्तर पर होने वाले आयोजनों के लिए नए दिशा-निर्देश (एसओपी) जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि पुलिस की प्रतिक्रिया का सबसे पहला मकसद लोगों की जान की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा, संपत्ति को नुकसान से बचाना और टकराव की स्थिति को टालना होना चाहिए।
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सरकार ने कहा कि आजकल की भीड़ अधिकतर अचानक और सोशल मीडिया से प्रभावित होती है, इसलिए नई रणनीतियां जरूरी हैं। दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि पहले से योजना बनाना, सभी संबंधित पक्षों के साथ तालमेल रखना और बल का बहुत कम इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
हासन जिले में एक महीने में 20 मौतें, सीएम ने कहा- जांच के लिए बनाई गई है समिति
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि केवल बीते एक महीने में राज्य के हासन जिले में 20 से अधिक लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो चुकी है। सरकार इसको बहुत गंभीरता से ले रही है। इन लगातार हो रही मौतों के पीछे के कारणों का पता लगाने और समाधान ढूंढ़ने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है। इस समिति की अध्यक्षता जयदेव हृदय विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. रवींद्रनाथ कर रहे हैं। उन्हें 10 दिनों के भीतर इस मामले पर अध्ययन रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सिद्धारमैया ने यह भी बताया कि इसी समिति को फरवरी में यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह युवाओं में हो रही अचानक मौतों की गहराई से जांच करे और यह भी पता लगाए कि कहीं कोविड वैक्सीन का कोई दुष्प्रभाव तो इन मौतों की वजह नहीं है। इस संबंध में हृदय रोगियों की जांच और विश्लेषण का काम भी चल रहा है।