कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 100 दिन पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को पांच चुनावी गारंटी के कार्यान्वयन के साथ-साथ "विकास के रथ" का नेतृत्व करने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की। चुनाव पूर्व वादों के साथ कांग्रेस 224 सदस्यीय विधानसभा में 135 सीटें जीतकर सत्ता में आई और उसने सत्तारूढ़ भाजपा को उखाड़ फेंका। भगवा पार्टी को केवल 66 सीटें मिलीं, जबकि जद (एस) 19 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही।
सीएम सिद्धारमैया ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, हमारी सरकार ने आज सत्ता में आने के 100 दिन पूरे कर लिए हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में राज्य के मतदाताओं ने हम पर भरोसा किया और हमारे उम्मीदवारों ने 135 सीटों पर जीत हासिल की। जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ एक सुरक्षित सरकार के गठन की अनुमति दी। हम इस अवसर का सदुपयोग कर रहे हैं और लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गारंटियों के कार्यान्वयन और विकास परियोजनाओं को क्रियान्वित करने के साथ-साथ उनकी सरकार राज्य को गौतम बुद्ध, बसवेश्वर, डॉ बीआर अंबेडकर, कुवेम्पु, संत-कवि कनकदास और नारायण गुरु जैसे दार्शनिकों द्वारा दिखाए गए समानता के मार्ग पर ले जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि 'अन्न भाग्य', 'गृह लक्ष्मी', 'गृह ज्योति' और 'शक्ति' जैसी चुनावी गारंटी योजना कैसे प्रगति कर रही हैं।
कांग्रेस ने 1.28 करोड़ बीपीएल परिवारों को पांच किलो केंद्रीय हिस्सेदारी सहित 10 किलोग्राम चावल देने का वादा किया था। अनुमान है कि अकेले इस योजना पर हर साल करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हालांकि, चावल, रागी और मक्का जैसे अन्य खाद्यान्नों की पर्याप्त आपूर्ति के अभाव में सरकार ने योजना को पूरी तरह से साकार करने की व्यवस्था होने तक प्रत्येक लाभार्थी को 170 रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।
सिद्धारमैया के अनुसार, 1.08 करोड़ महिलाओं ने गृह लक्ष्मी योजना के लिए अपना नामांकन कराया है। इस योजना के तहत अपने परिवार का नेतृत्व करने वाली महिलाओं को 2,000 रुपये दिए जाते हैं। सरकार ने इसके लिए 17,500 करोड़ रुपये रखे हैं। आवासीय बिजली कनेक्शनों पर 200 यूनिट मुफ्त बिजली की पेशकश करने वाली 'गृह ज्योति योजना' के तहत 1.48 करोड़ परिवारों को लाभ मिलना शुरू हो गया है। सरकारी अनुमान के मुताबिक, इससे राज्य के खजाने पर सालाना 13,000 करोड़ रुपये का बोझ आएगा।
प्रदेश में 'शक्ति' योजना पूरी तरह लागू हो चुकी है। इसके तहत प्रतिदिन 50 लाख से अधिक महिलाएं एवं छात्राएं सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा कर रही हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि योजना लागू होने के बाद से लगभग 43 करोड़ महिलाओं (कुल यात्राएं) ने मुफ्त यात्रा की है और कुल टिकट का मूल्य 1,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति योजना इस आशा के साथ लागू की गई है कि राज्य की महिलाएं शिक्षा और रोजगार संबंधी यात्राओं के लिए किसी पर निर्भर न रहें, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र में पूरी तरह से शामिल हों और आत्मनिर्भर जीवन जिएं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की महिलाओं द्वारा व्यक्त किए गए प्रशंसा के शब्द परियोजना की सफलता के दर्पण की तरह हैं।
अपनी पार्टी का समर्थन करने वाले राज्य के लोगों को धन्यवाद देते हुए सिद्धारमैया ने कहा, मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हम अपने प्रशासन के पहले 100 दिनों में वादे के अनुसार काम कर रहे हैं।आप सभी गारंटी की पूर्ति के साथ-साथ विकास के रथ को आगे बढ़ाने में हमारा सहयोग करें।
2022-23 शैक्षणिक वर्ष में स्नातक करने वाले बेरोजगार स्नातकों और डिप्लोमा धारकों को छह महीने में नौकरी पाने में विफल रहने पर 3,000 रुपये और 1,500 रुपये की पेशकश करने वाली 'युवा निधि' योजना दिसंबर में लागू की जाएगी। रविवार को सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार के 100 दिन पूरे होने पर राज्य में कोई आधिकारिक जश्न नहीं मनाया गया। हालांकि, सीएम कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि 30 अगस्त को मैसूर में 'गृह लक्ष्मी' योजना का शुभारंभ, 100 दिनों का जश्न मनाने का अवसर होगा। अगले साल लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही कांग्रेस पांच गारंटियों पर जनता की प्रतिक्रिया से उत्साहित है।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, क्या भारत में कोई अन्य राज्य है, जिसने हमारी पांच गारंटी की तरह कुछ किया है? इन गारंटी ने सदी को प्रभावित किया है। हम दिसंबर में 'युवा निधि' भी लागू करेंगे। शिवकुमार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बेंगलुरु के कुछ इलाकों में वाई-फाई कनेक्शन उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रही है।