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कर्नाटक में सियासी नाटक: विधायकों के सवालों के जवाब नहीं मिलने पर स्पीकर नाराज, विधानसभा स्थगित कर चले गए बाहर

Mon, 16 Mar 2026 07:50 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

Karnataka Assembly Speaker Walkout: कर्नाटक विधानसभा में विधायकों के सवालों के पर्याप्त जवाब नहीं मिलने पर स्पीकर यू टी खाडर नाराज हो गए और सदन की कार्यवाही स्थगित कर बाहर चले गए। सरकार की ओर से 230 में से केवल 84 सवालों के जवाब दिए गए थे। विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
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कर्नाटक की सियासत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को उस समय असामान्य स्थिति बन गई जब स्पीकर यूटी खाडर सरकार के विभागों द्वारा विधायकों के सवालों के पर्याप्त जवाब नहीं दिए जाने से नाराज हो गए। नाराजगी जताते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी और यह कहते हुए बाहर चले गए कि जब तक संबंधित मंत्री और विभागीय सचिव इस मामले में स्पष्टीकरण नहीं देंगे, तब तक वह सदन नहीं चलाएंगे। कई विधायकों ने इस कदम को अभूतपूर्व बताया।
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दरअसल, गृह मंत्री जी परमेश्वर ने सोमवार को विधायकों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब सदन में पेश किए थे। जानकारी के अनुसार 230 ‘अनस्टार्ड’ सवालों में से केवल 84 के ही लिखित जवाब दिए गए थे। इसे लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया और कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। इसके बाद स्पीकर ने कड़ी नाराजगी जताई और सदन स्थगित कर दिया।

स्पीकर क्यों हुए नाराज?
स्पीकर यू टी खाडर ने कहा कि उन्होंने चार बार स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विधायकों के सवालों का समय पर जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा मंत्रियों के लिए नहीं बल्कि विधायकों के लिए होती है, जहां वे अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर अनस्टार्ड प्रश्नों का जवाब ही नहीं मिलेगा तो विधायक सदन में क्यों आएंगे।
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विपक्ष ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा कि सरकार चेतावनी के बावजूद भी स्थिति सुधारने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि आधे से भी कम सवालों के जवाब दिए गए हैं। अशोक ने कहा कि अधिकारी ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे उन्हें किसी की जवाबदेही नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत दंडित किया जाए।

सरकार ने क्या सफाई दी?
गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि जिन विभागों ने सवालों के जवाब नहीं दिए हैं, उनके सचिवों को नोटिस जारी किया जाए। साथ ही जिन विभागों में ज्यादा सवाल लंबित हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

बाद में स्पीकर के कक्ष में मुख्यमंत्री, विपक्ष के नेता और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि विधायकों के सभी सवालों के जवाब जल्द दिए जाएंगे। सरकार ने आश्वासन दिया है कि आगे से ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सदन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दें और समय पर जवाब उपलब्ध कराएं।
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