कोविड मरीजों के लिए की गई बेड की व्यवस्था (फाइल फोटो)
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कर्नाटक में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए राज्य में सरकार ने लॉकडाउन लागू कर रहा है, ताकि कोविड-19 का प्रकोप खत्म हो सके। इस बीच प्रदेश सरकार ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। दरअसल, सरकार ने रविवार (9 मई) को लोगों के अस्पताल में मरीजों के भर्ती व डिस्चार्ज होने और कोरोना रोगियों के ट्रांसफर से संबंधित नियमों के लेकर कुछ नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
जिन मरीजों को सबसे ज्यादा होगी जरूरत, उन्हीं को मिलेगा बेड
कर्नाटक के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी परिपत्र में लिखा है, ‘कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य ने अस्पताल में महामारी के प्रबंधन के लिए कुछ निर्णय लिए हैं। अस्पताल के बेड सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनका उपयोग केवल उन मरीजों के लिए किया जाएगा, जिन्हें बेड की सबसे ज्यादा जरूरत है।'
राज्य के मौजूदा प्रोटोकॉल के अनुसार भर्ती होंगे मरीज
आदेश के अनुसार, सरकारी कोरोना अस्पतालों में मरीजों को राज्य के मौजूदा प्रोटोकॉल के अनुसार भर्ती किया जाएगा। वहीं, डॉक्टर की सलाह के आधार पर मरीजों की रिकवरी की स्थिति की जांच के बाद जरूरत के अनुसार उन्हें नॉर्मल वार्डों में शिफ्ट किया जाएगा।
डिस्चार्ज के लिए भी करना होगा प्रोटोकॉल का पालन
आदेश में आगे कहा गया है कि जब भी किसी मरीज को अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी तब राज्य के डिस्चार्ज प्रोटोकॉल का पालन करना भी अनिवार्य होगा। सर्कुलर में यह भी बताया गया कि प्राइवेट कोविड अस्पतालों में भी सुवर्ण आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट-गवर्नमेंट रेफरेड मरीज (एसएएसटी) के तहत भर्ती होने वाले मरीजों को मौजूदा स्टेट प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
निजी अस्पतालों के लिए आदेश
आदेश के मुताबिक निजी अस्पतालों से भी मरीजों के भर्ती व डिस्चार्ज के लिए राज्य के भर्ती व डिस्चार्ज प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। हालांकि, उनकी रिकवरी होने और मरीज के क्लिनिकली स्टेबल होने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें स्टेप डाउन सुविधा में ट्रांसफर किया जाएगा।
गौरतलब है कि कर्नाटक में रविवार के दिन कोरोना के 47,930 नए मामले सामने आए। राज्य में पॉजिटिविटी दर 32.71 फीसदी रही। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रविवार को 490 मरीजों की मौत हो गई।