कर्नाटक में भाजपा विधायक सीटी रवि मामले में रोज नए-नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में भाजपा एमएलसी सीटी रवि पर हमला करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हमले का प्रयास बेलगावी सुवर्ण सौधा में 19 दिसंबर को किया गया था। बेलगावी के हिरेबागेवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है।
इसमें आरोप लगाया गया कि सीटी रवि की जान को खतरा था और हमलावरों का इरादा उन्हें जान से मारने का था। कथित तौर पर यह घटना सचिव लक्ष्मी हेब्बलकर के खिलाफ सीटी रवि के आपत्तिजनक बयान के जवाब में हुई। शिकायत कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई, जिसमें बीएनएस 189(2), 191(2), 190, 126(2), 352 और 351(2) शामिल हैं।
दरअसल, मामला 19 दिसंबर को कर्नाटक विधान परिषद से शुरू हुआ था। यहां रवि ने महिला और बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। मामले की पुलिस से शिकायत भी की गई थी। इसे लेकर सिद्धारमैया सरकार ने सीटी रवि पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला आयोग की अध्यक्ष नागलक्ष्मी चौधरी ने विधान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरट्टी को पत्र लिखकर इस घटना की उच्चस्तरीय जांच करने की अपील की थी।
19 दिसंबर को किया गया था गिरफ्तार
पुलिस ने इसी दिन सीटी रवि को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, कर्नाटक हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। कोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तारी नियमों के अनुसार नहीं की गई थी। इससे पहले भाजपा एमएलसी ने पुलिस पर मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें पूरी रात जगह-जगह घुमाती रही। पुलिस शीर्ष स्तर के किसी नेता के निर्देश पर काम कर रही है। उन्होंने कार्रवाई को तानाशाही से प्रेरित बताया। हालांकि, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आरोपों को खारिज किया था।
पुलिस पर लगाए थे गंभीर आरोप
पुलिस कार्रवाई के दौरान भाजपा एमएलसी सीटी रवि का सड़क पर बैठकर पुलिस से सवाल करते हुए एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में रवि पुलिस अधिकारियों से सवाल कर रहे थे। रवि कह रहे थे कि क्या तुम मुझे मारने की योजना बना रहे हो? मुझे यहां क्यों लाए हो? आपका इरादा मुझे मारने का है। मुझे इस तरह से घुमाने क्यों ले जाया जा रहा है? खानपुर से लेकर मुझे कहां-कहां ले जाया गया? चोट लगने के तीन घंटे बाद तुमने मुझे प्राथमिक उपचार दिया गया।
जान को खतरा बताया था
जमानत मिलने के बाद सीटी रवि ने दावा किया था कि उन्हें जान का खतरा है, इसलिए वह सरकार से सहायता की गुहार लगा रहे हैं। अगर उन्हें कुछ होता है तो सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी। डीके शिवकुमार और लक्ष्मी हेब्बलकर ने कुछ योजना बनाई, जो उनके लिए खतरनाक है। वह पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हैं। जिस तरह से पुलिस ने उनके साथ व्यवहार किया है, उनकी और पुलिस कॉल रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए।