गवर्नमेंट प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज की छुट्टी है, गेट बंद है। यह वही स्कूल है, जिसमें उठा हिजाब का विवाद पूरे देश में सुर्खी बन गया था। यहां इंटरमीडिएट तक स्कूल न कह कर प्री यूनिवर्सिटी कहा जाता है।
उडुपी में भाजपा-कांग्रेस के बीच टक्कर
वरिष्ठ पत्रकार बीबी शेट्टीगर कहते हैं कि अब यह मामला सियासी तौर पर शांत है। वर्तमान में उडुपी जिले की पांचों विधानसभाओं पर भाजपा का कब्जा है। सभी का मानना है कि इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला कड़ा होगा। वैसे तो मुस्लिम वोटर सभी सीटों पर हैं, लेकिन दो सीटों पर पिछली बार वोटों के बंटवारे के कारण कांग्रेस हार गई थी। इस बार शायद ऐसा न हो।
सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की संभावना
उडुपी में हिजाब का प्रकरण चर्चित है तो चिकमंगलूर में भी दत्ता पीठ-बाबा बुडेन गिरी दरगाह का मामला भी गर्माता रहता है। दरअसल, पहाड़ी पर स्थित गुफा से जुड़े धार्मिक स्थल के बारे में हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि यह दत्तात्रेय स्वामी का तपस्या स्थल है। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि यह काल्पनिक कहानी है और यहां पर दादा हयात मीर कलंदर उर्फ बाबा बुडेन की दरगाह सालों से हैं।
भाजपा ने ढहाया था कांग्रेस का गढ़
उडुपी कभी कांग्रेस का गढ़ था, लेकिन भाजपा ने यहां पर सबसे पहले मछुआरा समुदाय को अपने पाले में किया। धीरे-धीरे भाजपा ने यहां की सभी पांचों सीटें जीत लीं। स्थानीय जानकारों का कहना है कि इस बार भाजपा विरोधी वोटों के बंटवारे की संभावना कम है, इसलिए इस बार यहां कांग्रेस को कुछ फायदा हो सकता है।