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कर्नाटक चुनाव: आने वाले नतीजों से पहले इन 3 पार्टियों के बीच बन रहीं ये 5 संभावनाएं

Mon, 14 May 2018 03:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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12 मई को हुए कर्नाटक विधानसभा चुनावों के नतीजे आने में कुछ ही घंटे बाकी रह गए हैं। कल(15 मई) को कर्नाटक की सियासत के नए सरताज का फैसला हो जाएगा। ऐसे में कई तरह के ओपेनियन पोल और एग्जिट पोल सामने आ रहे हैं लेकिन इन सबके बीच 5 तरह की संभावनाएं बनती दिख रही हैं। 

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कांग्रेस को बहुमत मिला तो होगा यह-
अगर कांग्रेस जीतती है तो इस बात के आसार हैं कि सिद्धारमैया ही दोबारा सीएम बनें लेकिन सीएम पद को लेकर उनके द्वारा दिये गए बयान पर पहले से ही हंगामा मचा हुआ है, उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी किसी दलित चेहरे को आगे करती है तो वह सीएम पद को त्याग देंगे। इसके अलावा अगर सीएम सिद्धारमैया जिन दो सीटों( बादामी और चामुंडेश्वरी) से हार जाते हैं तो उनके लिए संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। पार्टी को बहुमत की कमी होने पर वह निर्दलीय विधायकों की भी मदद ले सकती है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक पार्टी किसी लिंगायत को डिप्टी सीएम बनाने पर विचार कर सकती है। 

बीजेपी को मिला बहुमत तो होगा यह- 
अगर बीजेपी को बहुमत मिला तो येदियुरप्पा कर्नाटक के सीएम बनेंगे। बेल्लारी से सांसद श्री रामुलु को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। अगर श्री रामुलु को डिप्टी सीएम बनाया जाता है तो पार्टी का अनुसूचित जनजाति पर गहरा असर पड़ेगा और वोटबैंक मजबूत होगा। बीजेपी भी बहुमत न होने पर निर्दलीयों का सहारा ले सकती है। इसके अलावा बीजेपी ऑपरेशन लोटस की तरह विपक्षी पार्टियों के विधायकों को अपनी ओर मिलाने की कोशिश कर सकती है। 
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अगर जेडीएस को मिला किंग बनने का मौका- 
अगर बीजेपी या कांग्रेस जेडीएस को बाहरी समर्थन दे देती है तो एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के सीएम बनेंगे। 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं इसलिए बीजेपी इस चुनाव में जेडीएस को समर्थन दे सकती है। वहीं कांग्रेस भी बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए जेडीएस को समर्थन दे सकती है।

अगर कांग्रेस बनती है सबसे बड़ी पार्टी- 
अगर कांग्रेस जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाती है तो सिद्धारमैया राज्य के सीएम नहीं बनेंगे क्योंकि उनके संबंध जेडीएस से अच्छे नहीं हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में कांग्रेस नया चेहरा ला सकती है। यह भी हो सकता है कि दोनों पार्टियों के नेता 30-30 महीने तक सीएम बनें। 

 अगर बीजेपी बनती है सबसे बड़ी पार्टी-
अगर बीजेपी को बहुमत नहीं मिला और वह जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाती है तो कुर्सी पर बैठने का फैसला दोनों पार्टियों के द्वारा पाई गई सीटों के आधार पर होगा। जिस पार्टी के पास ज्यादा सीटें होंगी, उस पार्टी का नेता सीएम बनेगा। 

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