कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान की चुनाव आयोग से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक के लिए आतंकवाद का बचाव करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने कहा कि पीएम ने इस बयान के जरिए लक्ष्मणरेखा पार की है। कर्नाटक के बेल्लारी की चुनावी रैली में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर सख्त आपत्ति जताते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। कांग्रेस ने पीएम के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य भाजपा नेताओं के बयानों की शिकायत भी चुनाव आयोग से की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए आतंकवाद को पाला और आश्रय दिया। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा है कि हमें प्रधानमंत्री के भाषण में उपयोग किए गए शब्दों पर आपत्ति है। हम पीएम के दुर्भावनापूर्ण आरोपों को उजागर करना चाहते हैं। भारत के इतिहास में किसी प्रधानमंत्री द्वारा अब तक ऐसे आरोप नहीं लगाए गए हैं।
कांग्रेस का कहना है कि पीएम मोदी कर्नाटक में चुनावी माहौल को खराब करने के लिए दुर्भावनापूर्ण और झूठे आरोप लगा रहे हैं। पत्र कहा गया है कि कांग्रेस हमेशा हिंसा और आतंकवाद के खिलाफ खड़ी रही है। कांग्रेस ने कभी भी राजनीतिक लाभ के लिए आतंकवाद से समझौता नहीं किया। कांग्रेस नेताओं ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ने उस पार्टी पर झूठे और अप्रमाणित आरोप लगाकर मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश की, जिसने भारत की आजादी के लिए स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया। आतंकवादियों और आतंकवाद का समर्थन करने के आरोप बेबुनियाद हैं।
राजनीतिक लाभ के लिए कांग्रेस को बदनाम करने का आरोप
सुरजेवाला ने कहा कि आगामी कर्नाटक चुनाव में राजनीतिक लाभ के लिए प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस के सार्वजनिक सेवा, बलिदान और विरासत को गलत तरीके से कलंकित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी का पता है कि पीएम मोदी ऐसे दावे करते समय स्पष्ट रूप से जानते हैं कि वह कांग्रेस को बदनाम करने और उसके खिलाफ झूठ फैलाने के लिए क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।