भाजपा के आलाकमान ने हुबली-धारवाड़ मध्य खंड से विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार को उम्मीदवारी छोड़ने के लिए कहा था। भाजपा के इस फैसले के बाद शेट्टार ने कहा कि उन्हें टिकट से वंचित करने से पार्टी को राज्य के 20 से 25 सीटों से हाथ धोना पड़ सकता है। भाजपा ने अभी तक हुबड़ी-धारवाड़ समेत अन्य 12 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा नहीं की है।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए शुक्रवार की रात भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा- "मैं कल तक का इंतजार करूंगा। इसके बाद मैं अपना अगला कदम उठाउंगा।"
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ इस तरह से व्यवहार करने के भाजपा पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल को इस बारे में सोचना होगा।जब उनसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ इस तरह के व्यवहार करने से भाजपा पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहां कि सत्तारूढ़ पार्टी को इस बारे में सोचना होगा।
उन्होंने कहा- "यह पार्टी को सुनिश्चित करना होगा कि इससे कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। यहां तक कि पूर्व सीएम बी एस येदियुरप्पा ने भी कहा है कि अगर शेट्टार को टिकट नहीं मिलता है, तो इसका असर सिर्फ एक जगह नहीं होगा। उत्तरी कर्नाटक के कई निर्वाचन क्षेत्रों में इसका तत्काल प्रभाव देखने को मिलेगा।"
उन्होंने कहा- "वैसे तो निश्चित तौर पर इसका प्रभाव पूरे कर्नाटक में होगा, लेकिन तत्काल प्रभाव 20 से 25 निर्वाचन क्षेत्रों में देखा जाएगा। हुबली-धारवाड़ नगर निगम के कुछ पार्षदों ने अपना इस्तीफा देने को तैयार हैं, उनके इस स्नेह का आभारी हूं।"
शेट्टर का मानना है कि यह करके पार्षदों ने अपनी नाराजगी जताई है। उनकी भावनाएं आहत हुई है और इसी वजह से वे नगर निगम से अपना इस्तीफा देकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह पहले पार्षदों से मिलकर बात करेंगे और फिर अपना अगला कदम उठाएंगे।
भाजपा के कुछ शीर्ष पदाधिकारियों ने शेट्टार को टिकट मिलने का भरोसा भी जताया है। इस पर शेट्टर ने कहा कि उन्हें इस तरह के बयानों की जानकारी है। वह केवल 'परिणाम' चाहते हैं।
शेट्टर ने 11 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फेरेंस में कहा था कि उन्होंने दिल्ली में मौजूद पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी की तरफ से एक कॉल आया था। इसमें उन्हें युवाओं को मौका देने के लिए अपनी उम्मीदवारी छोड़ने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि वह इसे स्वीकार्य नहीं करेंगे और इस बार भी चुनाव लड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
भाजपा ने अब तक विधानसभा चुनाव के लिए 212 उम्मीदवारों की सूची जारी की है और शेष 12 सीटों के नामों की घोषणा अभी तक नहीं की है। कर्नाटक में 224 सीटों वाली विधानसभा में 10 मई को मतदान होगा और नतीजे 13 मई को आने वाले हैं।