फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्नाटक की कुंडली और 2019 का राजयोग...

Fri, 18 May 2018 02:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को शनिवार को 4 बजे शक्ति परीक्षण के लिए कहा है। विधानसभा त्रिशंकु होने के बाद सदन में शक्ति परीक्षण एक पेचीदा मसला हो गया है। यह येदियुरप्पा और एच डी देवगौड़ा के बीच राजनैतिक वर्चस्व की लड़ाई हो गई है। कर्नाटक में दोनों बड़े जनाधार के पुराने नेता हैं।
विज्ञापन

शक्ति परीक्षण में पूरी जोर आजमाइश होगी...

बी एस येदियुरप्पा - फोटो : PTI
येदियुरप्पा कर्नाटक में आरएसएस और भाजपा की पताका पिछले साढ़े चार दशकों से फैला रहे हैं। शक्ति परीक्षण में वह अपनी पूरी जोर आजमाइश करेंगे। जीत गए तो दक्षिण की राजनीति के और बड़े स्तंभ हो जाएंगे। और अगर वह हार गए तो उनका राजनीतिक सफर तो यहीं खत्म हो जाएगा। भाजपा उनकी हार को भी भुना सकती है। भाजपा इस हार में अपने को 'शहीद' बताकर 2019 के चुनाव में राजनैतिक लाभ ले सकती है। ठीक इसी तरह अगर कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन शक्ति परीक्षण में असफल हुआ तो कांग्रेस अपने को 'शहीद' का दर्जा देकर 2019 के चुनाव में हाथ आजमाना चाहेगी।  

समूचे देश में राजनैतिक बहस हो रही है...

सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
सुप्रीम कोर्ट की तत्परता और विधानसभा की स्थिति को देखते हुए शक्ति परीक्षण बड़ा रोचक होने वाला है। येदियुरप्पा ने समर्थन के संबंध में राज्यपाल को दो पत्र सौंपे हैं। जिसमें एक में उन्होंने राज्यपाल से 7 दिन का समय मांगने का हवाला दिया है। जबकि राज्यपाल वजुवाला भाई ने अपने विवेक के आधार पर 15 दिन का समय दिया है। इस पर पूरे देश में राजनैतिक बहस हो रही है।
 

शक्ति परीक्षण की प्रक्रिया रोचक होने की उम्मीद...

Karnataka Election 2018
येदियुरप्पा के पास 8 विधायकों की कमी है। भाजपा के 104 विधायक हैं। 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 112 विधायकों की आवश्यकता है। कांग्रेस और जेडीएस पहले ही गठबंधन बना चुके हैं। इनके गठबंधन के पास 112 का जादुई आंकड़ा भी है। कुमारस्वामी का 2 में से 1 सीट छोड़ना और प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के अलावा शक्ति परीक्षण की प्रक्रिया रोचक होने की पूरी उम्मीद है।
विज्ञापन

शनिवार येदियुरप्पा के लिए सबसे अहम दिन...

B S Yeddyurappa
शनिवार येदियुरप्पा के लिए सबसे अहम साबित होगा। वैसे शक्ति परीक्षण जीतने के बाद भी येदियुरप्पा की चुनौती कम नहीं होने वाली। राज्य भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा येदियुरप्पा को टक्कर देने के लिए तैयार हैं। ईश्वरप्पा भी राज्य भाजपा का नया शक्ति केंद्र बनने की चाहत रखते हैं। वह संगठन में आंतरिक मतभेद की मुख्य वजह हो सकते हैं। कट्टरपंथी हिंदूवादी चेहरे येदियुरप्पा की बजाया ईश्वरप्पा को आगे लाया जा सकता है। वैसे भी येदियुरप्पा भाजपा की 75 पार 'राजनेताओं की रिटायरिंग स्कीम' के करीब हैं। येदियुप्पा की उम्र 75 साल हो चुकी है।

इन्हें भी पढ़ें-

कर्नाटक विधासभा चुनाव से असली मुद्दे रहे गायब, वे 10 सीटें जिन पर थी सबकी नजर

कर्नाटक चुनाव: बीजेपी पर बरसी उसकी ये सहयोगी पार्टी

येदियुरप्पा ऑपरेशन कमल 2.0 के जरिये कर्नाटक में साबित कर सकते हैं बहुमत

कर्नाटक में भाजपा सरकार: येदियुरप्पा क्या अटल की तरह कामयाब हो पाएंगे!
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें