भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री के एस ईश्वरप्पा ने वृहस्पतिवार को बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का वादा करने वाली विपक्षी पार्टी को आड़े हाथ लिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र की एक कॉपी भी जला दी।
ईश्वरप्पा ने बजरंग दल को एक देशभक्त संगठन बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- "बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कहने की उनकी (कांग्रेस) हिम्मत कैसे हुई।"
कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया था। इस घोषणापत्र में कहा कि वह जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने कहा- "हमारा मानना है कि नियम और संविधान पवित्र है। इसका कोई एक व्यक्ति या बजरंग दल और पीएफआई जैसी संगठन उल्लंखन नहीं कर सकती है। हम ऐसे संगठनों पर कानून के तहत प्रतिबंध लगाने के साथ कार्रवाई भी करेंगे।"
ईश्वरप्पा ने कांग्रेस के घोषणापत्र को मुस्लिम लीग का घोषणापत्र बताया। उन्होंने शिवकुमार और सिद्धारमैय्या पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा- "डीके शिवकुमार कहते हैं कि पूरा वोक्कालिगा समुदाय उनके पीछे हैं और वही इस बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनेंगे। वहीं सिद्धारमैय्या कहते हैं कि पिछड़ा समुदाय उनके साथ है और वह मुख्यमंत्री बनेंगे।"
कांग्रेस के दोनों ही नेताओं पर भड़के ईश्वरप्पा का मानना है कि शिवकुमार और सिद्धारमैय्या को गिरफ्तार कर दोनों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।