कर्नाटक में बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। राज्य में चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है लेकिन अभी भी भाजपा और कांग्रेस के बीच एक दूसरे को पटखनी देने के लिए दांव पेंच लगा रही हैं। बता दें कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग से भाजपा की शिकायत की है। वहीं भाजपा, कांग्रेस के खिलाफ कोर्ट पहुंच गई है। भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
कांग्रेस ने लगाए ये आरोप
कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामालिंगा रेड्डी ने बताया कि हमने चुनाव आयोग से शिकायत की है और जयानगर में निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि दो-तीन दिन से सभी बुरे तत्व जयानगर इलाके में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवार सीके रामामूर्ति विधानसभा में गरीब लोगों को धमका रहे हैं। बेंगलुरु के आधे दबंग लोग जयानगर इलाके में रहते हैं।
भाजपा पहुंची कोर्ट
वहीं भाजपा के प्रदेश सचिव केशव प्रसाद ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने बीती पांच मई को अखबारों में जो विज्ञापन दिया था, उसके खिलाफ हमने शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा ने कहा कि विज्ञापन से भाजपा की छवि धूमिल होगी, इसलिए हमने कांग्रेस पार्टी को नोटिस भेजा है। शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने भी कांग्रेस पार्टी को नोटिस भेजा था लेकिन अभी तक कांग्रेस ने इस मामले में कुछ नहीं किया है इसलिए अब हमने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है। राहुल गांधी ने उस विज्ञापन को ट्वीट किया था, इसलिए राहुल गांधी को इस मामले में पार्टी बनाया गया है।
बता दें कि कांग्रेस ने प्रदेश के अखबारों में एक विज्ञापन दिया था, जिसमें भाजपा पर निशाना साधते हुए 'भ्रष्टाचार रेट कार्ड' लिखा गया था। इस पर भाजपा ने आपत्ति जताते हुए इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की थी। चुनाव आयोग ने इसे लेकर कांग्रेस की प्रदेश ईकाई को नोटिस भी जारी किया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने एक एडवाइजरी भी जारी की थी, जिसमें चुनाव के दिन या चुनाव से एक दिन पहले अखबारों में कोई भी विज्ञापन प्रकाशित करवाने पर रोक लगा दी थी।
सोशल मीडिया पर मतदाताओं से अपील कानून के दायरे में नहीं: निर्वाचन आयोग
निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि मतदान क्षेत्र के बाहर सोशल मीडिया पर मतदाताओं से अपील कानून के दायरे में नहीं आती। उन्होंने यह बात ऐसे समय कही जब कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा रही है कि उन्होंने ‘शांत अवधि’ के दौरान कर्नाटक के लोगों से सोशल मीडिया के जरिए अपील कर कानून का उल्लंघन किया है। सूत्रों ने कहा कि मौजूदा कानून केवल किसी मतदान क्षेत्र में इस तरह के कार्य को प्रतिबंधित करता है। कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा और चुनाव प्रचार के समाप्त होने के साथ सोमवार शाम छह बजे से 48 घंटे की ‘शांत अवधि’ शुरू हो गई।