कर्नाटक विधासभा चुनाव प्रचार के दौरान राज्य के सामने खड़े असली मुद्दे पर्दे के पीछे चले गए। इस दौरान महादयी और कावेरी नदियों के जल के बंटवारे का मामला, रोजगार, सड़क, पेयजल एवं बिजली से जुड़े स्थानीय मुद्दों को कोई तरजीह ही नहीं दी गई। इसके बजाय भावनात्मक मुद्दों को उछालने की कोशिश की गई।
- कांग्रेस ने केंद्र पर उत्तरी राज्यों को तरजीह देने और दक्षिण के राज्यों से भेदभाव का आरोप लगाया।
- कांग्रेस ने भाषा, संस्कृति, विचारधारा के आधार पर राज्य को कम आर्थिक मदद का आरोप लगाया।
- लिंगायत को धार्मिक आरक्षण का प्रस्ताव रख भाजपा के परंपरागत वोटबैंक में सेंधमारी की कोशिश की।
- महिला सुरक्षा, दलित उत्पीड़न, रोजगार, किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेरा।
- राफेल, नीरव मोदी, विजय माल्या के बहाने केंद्र की मोदी सरकार पर राहुल गांधी ने खूब हमले किए।