मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके मुख्य विरोधी और भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी बीएस येदियुरप्पा अपनी परंपरागत सीट से लड़ रहे हैं और जनता दल (सेक्युलर) नेता ने दो निर्वाचन क्षेत्रों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
सिद्धारमैया, कांग्रेस, चामुंडेश्वरी और बादामी
2013 में कांग्रेस के चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री चुने गए थे। 68 वर्षीय सिद्धारमैया कुरुबा गौड़ा चरवाहा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और 2013 में एक समाचार पत्र में उनके बारे में लिखा गया था कि बचपन में वे मवेशी चराते थे। सिद्धारमैया अपनी सामान्य पृष्ठभूमि से उपर उठे और कानून की पढ़ाई की और राजनीति में आए।
बीएस येदियुरप्पा, बीजेपी, शिकारीपुरा
बुकानाकेरे सिद्दालिंगप्पा येदियुरप्पा 75 साल के हैं। वे कर्नाटक चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। वे साल 2008 से 2011 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। हिन्दुत्व विचारधारा वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे येदियुरप्पा ने राजनीति में प्रवेश किया। आरएसएस को अक्सर भारतीय जनता पार्टी के विचारधारात्मक मार्गदर्शन करने वाले संगठन के तौर पर जाना जाता है।
एचडी कुमारस्वामी, जेडी (एस), रामानगर और चन्नपटना
हरदानहल्ली देवेगौड़ा कुमारस्वामी जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष हैं और साल 2006 से 2008 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वे जेडी (एस) के संस्थापक और भारत के पूर्व प्रधान मंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे हैं।
जी परमेश्वर, कांग्रेस, कोराटागेरे
परमेश्वर गंगाधरैया या जी परमेश्वर कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। वे एक कृषि वैज्ञानिक थे और 1989 में राजीव गांधी के निवेदन पर कांग्रेस में शामिल हुए। 66 वर्षीय परमेश्वर एक प्रमुख दलित परिवार से ताल्लुक रखते हैं जो तुमकुर में सिद्धार्थ समूह के शैक्षणिक संस्थानों का मालिक है।
बी श्रीरामुलू, बीजेपी, मोलाकालमुरु और बादामी
बी श्रीरामुलू बेल्लारी जिले से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं। साल 2008 में श्रीरामुलू वाल्मीकि नायक समुदाय के मजबूत समर्थन के साथ वे प्रदेश के बड़े नेता के रूप में उभरे। वे इसी समुदाय से तालल्लुक रखते हैं। 46 वर्षीय श्रीरामूलू को विवादास्पद रेड्डी बंधुओं का करीब माना जाता है, जिन पर अवैध खनन और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
जी करुणाकर रेड्डी, बीजेपी, हरपनहल्ली
56 वर्षीय जी करुणकर रेड्डी, रेड्डी बंधुओं में सबसे बड़े हैं। रेड्डी बंधु बेल्लारी से अनंतपुर तक हजारों करोड़ रुपयों के लौह अयस्क का अवैध खनन करने के आरोपी हैं। 2011 में कथित तौर पर अवैध खनन करने के लिए कर्नाटक लोकायुक्त ने उनकी जांच की। रेड्डी बंधुओं के आठ करीबी लोगों को बीजेपी ने टिकट दिए हैं।
केएस ईश्वरप्पा, बीजेपी, शिवमोग्गा
कर्नाटक विधान परिषद में केएस ईश्वरप्पा विपक्ष के नेता हैं। 69 वर्षीय अनुभवी राजनेता ने राज्य में पिछली बीजेपी सरकारों में कैबिनेट में शामिल रहे और 2012 से 2013 तक जगदीश शेट्टर की अगुआई वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। ईश्वरप्पा ने जब राजनीति में कदम रखा था तब भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा उनके संरक्षक थे, लेकिन अब वे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं।
यथींद्र सिद्धारमैया, कांग्रेस, वरुणा
38 वर्षीय यथींद्र मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के छोटे बेटे हैं और 2018 के चुनावों से चुनावी राजनीति में कदम रख रहे हैं। शांत और कम बोलने वाले यथींद्र पेशे से एक रोगविज्ञानी हैं और उनकी छवि एक ऐसे राजनेता की है जिसकी राजनीति में दिलचस्पी कम है। 2016 में अपने बड़े भाई की असामयिक मौत के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। इससे पहले तक उन्होंने राजनीति से दूर रहने का फैसला किया था।
मधु बंगारप्पा, जेडी (एस), सोराब
मधु बंगारप्पा सोराब निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल (सेक्युलर) के विधायक और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा के बेटे हैं। राजनीति में शामिल होने से पहले, बंगारप्पा एक फिल्म अभिनेता और निर्माता थे। इस चुनाव में सोराब में बंगारप्पा परिवार के मतभेद सामने आ गए हैं, क्योंकि मधु अपने बड़े भाई कुमार बंगाराप्पा के खिलाफ मैदान में हैं, जो बीजेपी टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
लक्ष्मी हेब्बाल्कर, कांग्रेस, बेलगावी ग्रामीण
37 वर्षीय लक्ष्मी हेब्बाल्कर कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष हैं। वह दूसरी बार मराठी बहुल बेलगावी (ग्रामीण) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रही है। वे यहां से 2013 के विधानसभा चुनाव में हार गई थीं और 2014 के लोकसभा चुनाव में दोबारा हार का सामना करना पड़ा था।