कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि वोक्कालिगा और लिंगायत भी इस ऑफर को ठुकरा देंगे। उन्होंने कहा कि अगले 45 दिनों में उनकी पार्टी सत्ता में आ जाएगी और पहली ही कैबिनेट बैठक में अल्पसंख्यकों के आरक्षण को बहाल किया जाएगा।
कर्नाटक सरकार के अल्पसंख्यकों के चार फीसदी आरक्षण को वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय को देने पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने इस मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। डीके शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में वापसी करते ही अल्पसंख्यकों के आरक्षण को फिर से बहाल किया जाएगा। बता दें कि कर्नाटक सरकार के फैसले के तहत वोक्कालिगा और वीरशैव-लिंगायत समुदाय को अब शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में दो-दो फीसदी आरक्षण का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
क्या बोले शिवकुमार
कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने सरकार के इस फैसले को असंवैधानिक करार दिया। शिवकुमार ने कहा कि 'वह (सरकार) सोचते हैं कि आरक्षण संपत्ति की तरह बांटा जा सकता है। यह संपत्ति नहीं बल्कि अधिकार है। हम नहीं चाहते कि अल्पसंख्यकों का चार फीसदी आरक्षण हटाकर किसी भी बड़े समुदाय को दिया जाए। वह (अल्पसंख्यक समुदाय के लोग) हमारे भाई और परिवार के सदस्य हैं।' कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि वोक्कालिगा और लिंगायत भी इस ऑफर को ठुकरा देंगे। उन्होंने कहा कि अगले 45 दिनों में उनकी पार्टी सत्ता में आ जाएगी और पहली ही कैबिनेट बैठक में अल्पसंख्यकों के आरक्षण को बहाल किया जाएगा। डीके शिवकुमार ने बताया कि आगामी चुनाव में भाजपा की हार तय है।
अमित शाह ने धर्म के आधार पर आरक्षण को बताया असंवैधानिक
रविवार को ही बीदर में एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अल्पसंख्यकों को धर्म के आधार पर आरक्षण देने को असंवैधानिक बताया था। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते देश के लिए बलिदान देने वाले और हैदराबाद की मुक्ति के लिए काम करने वाले लोगों को याद नहीं किया। अल्पसंख्यकों को मिला आरक्षण संविधान के अनुसार नहीं था। संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान नहीं है लेकिन कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते अल्पसंख्यकों को आरक्षण का लाभ दिया था।