जेडीएस के अयोग्य ठहराए गए विधायक नारायण गौड़ा
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जनता दल सेक्युलर (जदएस) के अयोग्य विधायक नारायण गौड़ा का दावा है कि कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी की सरकार के बहुमत परीक्षण से पहले राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने उन्हें एक हजार करोड़ रुपये दिए थे। गौड़ा ने मंगलवार को मांड्या में अपने समर्थकों के साथ बातचीत में कहा कि मैंने यह पैसे अपनी विधानसभा कृष्णाराजपेट के विकास की खातिर लिए थे।
कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन वाली कुमारस्वामी सरकार का 23 जुलाई को बहुमत परीक्षण हुआ था। सदम में बहुमत साबित करने के लिए सरकार को 103 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई जिसके बाद यहां भाजपा की सरकार बनी।
14 महीने तक कुमारस्वामी ने 116 विधायकों के साथ मिलकर राज्य में सरकार चलाई थी। हालांकि बाद में कांगेस और जेडीएस के 17 विधायक बागी हो गए। इन्हें तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य घोषित कर दिया था। 105 विधायकों का समर्थन हासिल करने के बाद येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने।
जेडीएस विधायक ने कहा, 'बहुमत परीक्षण से पहले मेरे घर एक व्यक्ति आया था। उसने सुबह के पांच बजे मुझे येदियुरप्पा के घर चलने को कहा। मैं जब वहां पहुंचा तो येदियुरप्पा पूजा कर रहे थे। मेरे आते ही उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा। उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा समर्थन करो ताकि मैं दोबारा मुख्यमंत्री बन जाउं।'
समर्थकों से गौड़ा ने कहा, 'मैं येदियुरप्पा से कहा कि वह मझे विधानसभा के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये दें। उन्होंने कहा कि वह तीन सौ करोड़ रुपये ज्यादा यानी एक हजार करोड़ देंगे। उन्होंने मुझे बाद में यह पैसे दिए। यह पैसे मैंने अपनी विधानसभा के विकास पर खर्च किए।'
इसके बाद उन्होंने समर्थकों से कहा कि क्या आपको नहीं लगता कि मुझे ऐसे महान आदमी का समर्थन करना चाहिए। मैंने यही किया। इसके बाद येदियुरप्पा ने कहा था कि उनका अयोग्य करार दिए विधायकों से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं मंगलवार को उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि वह येदियुरप्पा की नई ऑडियो क्लिप को संज्ञान में लेगा।