पुलिस ने बताया कि प्राप्त अवशेषों के फोरेंसिक मूल्यांकन के आधार पर आगे की खुदाई की जाएगी। मंगलूरू के फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि मौत का कारण तभी स्पष्ट हो सकेगा, जब करीब करीब पूरा कंकाल मिले।
कर्नाटक की मंदिर नगरी धर्मस्थल में सामूहिक तौर पर शवों को दफनाने के मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है। एसआईटी ने शुक्रवार को सातवीं जगह पर खुदाई शुरू कर दी। एक दिन पहले ही एसआईटी ने एक कंकाल बरामद किया था, जो छठे पॉइंट पर खुदाई से मिला था। पुलिस ने बताया कि एसआईटी ने कंकालों की बरामदगी के लिए खुदाई का काम तेज कर दिया है। खुदाई के लिए अतिरिक्त लोग लगाए गए हैं और साथ ही हैवी मशीनरी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
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पुलिस का क्या कहना है
एक पूर्व सफाई कर्मी ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने दावा किया था कि उसे डरा-धमकाकर कई लड़कियों के शव धर्मस्थल में अलग-अलग स्थानों पर दफनाए गए थे। शिकायत मिलने के बाद हंगामा हो गया और सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी ने सफाई कर्मी से पूछताछ के आधार पर 15 जगहों की पहचान की, जहां शवों को दफनाया गया था। पुलिस ने बताया कि प्राप्त अवशेषों के फोरेंसिक मूल्यांकन के आधार पर आगे की खुदाई की जाएगी। मंगलूरू के फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि मौत का कारण तभी स्पष्ट हो सकेगा, जब करीब करीब पूरा कंकाल मिले। अगर सिर्फ कुछ हड्डियां ही मिलती हैं तो उस स्थिति में पर्याप्त सबूत जुटाना मुश्किल होगा।
दो दशकों में कई शव दफनाए
धर्मस्थल ग्राम पंचायत ने बताया है कि साल 1995 से 200 से ज्यादा अज्ञात शवों को गांव के विभिन्न स्थानों पर दफनाया गया है। गांव में दाह संस्कार की जगह नहीं है, जिसके चलते लोगों को अलग-अलग जगहों पर दफनाया गया। सफाईकर्मी ने दावा किया है कि 1995 से 2014 के बीच उससे जबरन कई महिलाओं के शवों को दफनाया गया था। कई शवों का शारीरिक शोषण होने की आशंका जताई थी। शिकायतकर्ता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया है। अभी तक शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी गई है।