एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शुक्रवार को स्थानीय निकाय के लिए जेडी (एस) पार्षद रविशंकर के चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि बीपीएल कार्ड होने के बावजूद रविशंकर ने हलफनामे में जानकारी नहीं दी थी कि उसके पास 500 किलो के गहने हैं।
सीनियर सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेट गीतांजलि जी ने सिरा नगर परिषद के वार्ड-9 के पार्षद रविशंकर को अपने चुनावी हलफनामे में तथ्यों को दबाने का दोषी पाया।
चुनाव में पराजित कांग्रेस उम्मीदवार एम. कृष्णप्पा ने 30 दिसंबर 2021 को सिरा में नगर परिषद के चुनाव के बाद कोर्ट में याचिका दायर की थी।
आरोप था कि रविशंकर ने चुनावी हलफनामे में इस तथ्य को छिपाया कि उन्हें आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया गया था। उनके खिलाफ यह भी आरोप लगाया गया था कि उनके पास 500 किलो सोना है और उन्हें किराए से 3.6 लाख रुपये मिले हैं जबकि उनके पास गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) का कार्ड है।
रविशंकर ने कोर्ट से कहा कि वह पुराने आपराधिक मामलों के बारे में बताना भूल गए थे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास 499.5 किलो चांदी और सिर्फ 500 ग्राम सोना है। लेकिन उन्होंने हलफनामे में उनका एक साथ जिक्र नहीं किया था।