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Karnataka: परीक्षा केंद्र पर छात्रों के जनेऊ उतरवाने का आरोप, विवाद के बाद बैकफुट पर सरकार

Fri, 18 Apr 2025 03:45 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक में एक परीक्षा के दौरान छात्रों के जनेऊ उतरवाने को लेकर विवाद हो गया है। इस मामले में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। बता दें कि, ये घटना कॉमन एंट्रेस टेस्ट की परीक्षा के दौरान घटी, जिसमें छात्रों ने आरोप लगाए कि परीक्षा से पहले उन्हें जनेऊ उतारने के लिए कहा गया।
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परीक्षा - फोटो : freepik
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विस्तार
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कर्नाटक में परीक्षा के दौरान छात्रों के जनेऊ उतराने के लिए कहने पर विवाद हो गया। दरअसल कर्नाटक की कॉमन एंट्रेस टेस्ट (CET) की परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों ने आरोप लगाए कि परीक्षा से पहले उन्हें जनेऊ उतारने के लिए कहा गया। यह घटना कर्नाटक के बीदर और शिवमोग्गा जिलों में घटी। विवाद के बाद कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। 
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छात्र ने जनेऊ उतारने से किया इनकार, परीक्षा छोड़ी
कर्नाटक में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) आयोजित किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, बीदर में, एक छात्र को गुरुवार सुबह गणित का पेपर लिखे बिना घर लौटना पड़ा, क्योंकि साईं स्फूर्ति कॉलेज में परीक्षा केंद्र पर स्क्रीनिंग कमेटी ने कथित तौर पर उससे परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले जनेऊ उतारने को कहा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'लड़के ने स्टाफ से गुहार लगाई कि उसे हॉल में जाने दिया जाए क्योंकि जनेऊ पहनकर उसके किसी भी तरह के गलते में शामिल होने की कोई गुंजाइश नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद, स्टाफ ने उसे प्रवेश नहीं दिया और उसे जनेऊ उतारकर ही परीक्षा हॉल में प्रवेश करने के लिए कहा। हालांकि छात्र ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और गणित का पेपर दिए बिना ही केंद्र से चला गया।' 

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उच्च शिक्षा मंत्री ने कार्रवाई की कही बात
बीदर की डिप्टी कमिश्नर शिल्पा शर्मा ने बताया कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया, उक्त केंद्र के मुख्य परीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस तरह की प्रथाओं के सख्त खिलाफ है, उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक (एसपी) बीदर ने भी आश्वासन दिया है कि वह तलाशी टीम को कारण बताओ नोटिस देंगे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। हालांकि अभी तक अभिभावकों की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना हुई है तो यह निंदनीय है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कानून के मुताबिक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की बात कही। 

 

 
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