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Karnataka: ठेकेदार की मौत पर गरमाई राजनीति, भाजपा सीबीआई जांच और प्रियांक खरगे के इस्तीफे की मांग पर अड़ी

Mon, 30 Dec 2024 12:56 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

विजयेंद्र ने कहा कि कलबुर्गी जिले और उसके आसपास का पूरा पुलिस महकमा खरगे परिवार के दबाव में है। उन्होंने कहा, 'बिना किसी देरी के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को प्रियांक खरगे का इस्तीफा ले लेना चाहिए।
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कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे। - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक में विपक्षी भाजपा ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर दबाव बनाते हुए सोमवार को ठेकेदार की आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। साथ ही भाजपा ने कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे जनवरी में कलबुर्गी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास का घेराव करेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कहा, 'खरगे परिवार बहुत शक्तिशाली है और राज्य पुलिस उनकी जांच ठीक तरीके से नहीं कर सकती। ऐसे में निष्पक्ष जांच की कोई संभावना नहीं है। इसलिए मामले को सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए।' 
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क्या है मामला
उल्लेखनीय है कि सिविल ठेकेदार सचिन पांचाल ने 26 दिसंबर को बीदर जिले में चलती ट्रेन के आगे लेटकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। सचिन पांचाल ने अपने सुसाइड नोट में प्रियांक खरगे के करीबी सहयोगी राजू कपानुर पर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। ठेकेदार ने आरोप लगाया कि उन्हें कपानुर को एक करोड़ रुपये देने के लिए जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। हालांकि कपानुर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। वहीं प्रियांक खरगे ने भी कहा कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। सुसाइड नोट में भी उनका नाम नहीं है। उन्होंने भी मामले की जांच की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

भाजपा का आरोप- खरगे परिवार के खिलाफ निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती पुलिस
विजयेंद्र ने कहा कि कलबुर्गी जिले और उसके आसपास का पूरा पुलिस महकमा खरगे परिवार के दबाव में है। उन्होंने कहा, 'बिना किसी देरी के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को प्रियांक खरगे का इस्तीफा ले लेना चाहिए। हमारा दूसरा अनुरोध है कि मामले को सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए।' विजयेंद्र ने यह भी मांग की कि पांचाल परिवार को सुरक्षा दी जाए और एक करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। भाजपा ने पांचाल के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी 3 जनवरी तक इंतजार करेगी कि मुख्यमंत्री सीबीआई जांच का आदेश देते हैं या नहीं। उन्होंने कहा, अगर सीएम सीबीआई जांच का आदेश नहीं देते हैं तो भाजपा 4 जनवरी को कलबुर्गी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेगी और खरगे के घर का घेराव भी करेंगे।' 
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विजयेंद्र ने कहा कि सचिन पांचाल के सुसाइड नोट में एक और महत्वपूर्ण पहलू का उल्लेख है कि विधायक बसवराज मट्टीमुद, भाजपा नेता चंद्रू पाटिल, मणिकांत राठौड़ और एक संत सिद्धलिंग स्वामी को भी मारने की साजिश रची जा रही थी। इसके लिए महाराष्ट्र से हत्यारे बुलाए गए थे। यह एक गंभीर मामला है।
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