कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाएगा
शिवकुमार ने आधिकारिक बयान में कहा कि स्थानीय स्तर पर हालात की समग्र समीक्षा के लिए वरिष्ठ नेताओं को प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है। यह दल घटनास्थल का दौरा करेगा, स्थानीय नेताओं और प्रशासन से बातचीत करेगा और हिंसा के कारणों की गहराई से जांच करेगा। पार्टी का कहना है कि सच्चाई सामने लाना और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी है।
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सरकार ने जांच के आदेश दिए
इस बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी घटना को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। प्रशासन का दावा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या बोले डीके शीवकुमार?
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मीडिया से कहा कि एसपी पवन नेज्जुर को निलंबित कर दिया गया है, और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूर्व नियोजित नहीं था।
वहीं कर्नाटक के ADGP (कानून और व्यवस्था) आर हितेंद्र ने बताया कि पांच निजी बंदूकधारियों से कुल 5 बंदूकें जब्त की गई हैं। घटना के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने सुओ मोटु केस दर्ज कर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। जब्त बंदूकें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएंगी, ताकि पता लगाया जा सके कि किस बंदूक से गोली चली। झड़प उस समय हुई जब एसपी सर्कल में वाल्मीकि महर्षि की मूर्ति का अनावरण किया जा रहा था।
भाजपा विधायकों पर भी केस
पुलिस ने बताया कि इस हिंसक झड़प के सिलसिले में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु सहित अन्य लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थकों की उकसावे वाली गतिविधियों से स्थिति बिगड़ी, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। फिलहाल, सभी की नजरें कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट और जांच के नतीजों पर टिकी हैं।
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