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कर्नाटक में झड़प: कांग्रेस-भाजपा समर्थकों की भिड़ंत मामले में एसपी निलंबित; CM सिद्धारमैया ने जांच के आदेश दिए

Fri, 02 Jan 2026 09:56 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक के बेल्लारी में बैनर लगाने को लेकर कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक युवक की मौत हो गई। हालात पर नियंत्रण न कर पाने के आरोप में एसपी निलंबित किए गए हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
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बेल्लारी में हुई हिंसा में हुई थी एक की मौत - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कर्नाटक के बेल्लारी में बैनर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच हुई भिड़ंत में गोली चलने से 26 वर्षीय राजशेखर की मौत हो गई। घटना के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और कहा कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। कानून-व्यवस्था संभालने में लापरवाही के आरोप में बेल्लारी के पुलिस अधीक्षक पवन नेज्जुर को निलंबित कर दिया गया। नेज्जुर ने एक जनवरी को ही पदभार संभाला था।
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पुलिस के अनुसार, तीन जनवरी को प्रस्तावित वाल्मीकि प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम के बैनर जनार्दन रेड्डी के आवास के पास लगाने पर विवाद भड़का। बहस देखते ही देखते मारपीट और पत्थरबाजी में बदल गई, जिसके बाद फायरिंग हुई। इस मामले में भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु सहित कई लोगों के खिलाफ चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भी मामला दर्ज किया है। हालात काबू में रखने के लिए केएसआरपी और जिला सशस्त्र रिजर्व की 20 से अधिक टुकड़ियां तैनात की गई हैं। एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) आर. हितेंद्र ने बताया कि पांच निजी बंदूकें जब्त की गई हैं और लाइसेंस व नियमों के उल्लंघन की जांच जारी है।

कांग्रेस ने लिया बड़ा एक्शन
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह दल तुरंत बेल्लारी जाकर घटनास्थल का दौरा करेगा और पूरी स्थिति का आकलन कर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपेगा।
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गुरुवार शाम बेल्लारी शहर में एक प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम से पहले बैनर लगाने को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई। घटना के बाद शहर में तनावपूर्ण माहौल बन गया और पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाएगा
शिवकुमार ने आधिकारिक बयान में कहा कि स्थानीय स्तर पर हालात की समग्र समीक्षा के लिए वरिष्ठ नेताओं को प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है। यह दल घटनास्थल का दौरा करेगा, स्थानीय नेताओं और प्रशासन से बातचीत करेगा और हिंसा के कारणों की गहराई से जांच करेगा। पार्टी का कहना है कि सच्चाई सामने लाना और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी है।

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सरकार ने जांच के आदेश दिए
इस बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी घटना को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। प्रशासन का दावा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

क्या बोले डीके शीवकुमार?
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मीडिया से कहा कि एसपी पवन नेज्जुर को निलंबित कर दिया गया है, और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूर्व नियोजित नहीं था।

वहीं कर्नाटक के ADGP (कानून और व्यवस्था) आर हितेंद्र ने बताया कि पांच निजी बंदूकधारियों से कुल 5 बंदूकें जब्त की गई हैं। घटना के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने सुओ मोटु केस दर्ज कर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। जब्त बंदूकें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएंगी, ताकि पता लगाया जा सके कि किस बंदूक से गोली चली। झड़प उस समय हुई जब एसपी सर्कल में वाल्मीकि महर्षि की मूर्ति का अनावरण किया जा रहा था।

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भाजपा विधायकों पर भी केस
पुलिस ने बताया कि इस हिंसक झड़प के सिलसिले में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु सहित अन्य लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थकों की उकसावे वाली गतिविधियों से स्थिति बिगड़ी, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। फिलहाल, सभी की नजरें कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट और जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

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