बंगलूरू भगदड़ को लेकर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कहना है कि आयोग जांच कर रहा है। मैं इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। वहीं, गृह मंत्री जी परमेश्वर का कहना है कि जांच के बाद साफ हो जाएगा कि किसने क्या कहा। वहीं, मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताया है और कहा कि मेरा क्रिकेट स्टेडियम से कोई लेना देने नहीं है।
आरसीबी के सम्मान समारोह के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ को लेकर कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं में खींचतान चल रही है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का कहना है कि मैं इस मामले में मैं ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। आयोग जांच कर रहा है। गृह मंत्री जवाब देंगे। वहीं, गृह मंत्री जी परमेश्वर का कहना है कि जांच के बाद सब पता चल जाएगा कि किसने क्या कहा। पहले कब और किसने क्या बयान दिए। वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले से पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि मेरा क्रिकेट स्टेडियम से कोई लेना देना नहीं है। हालांकि, उन्होंने घटना को लेकर दुख जताया और कहा कि भगदड़ में 11 लोगों की मौत नहीं होनी चाहिए थी।
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गौरतलब है कि आरसीबी की जीत के बाद चार जून को चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में लोग आरसीबी की जीत के जश्न में भाग लेने पहुंचे थे। इस दौरान स्टेडियम के बाहर भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष इस मामले में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
सीएम ने अधिकारियों पर फोड़ा घटना का ठीकरा
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भगदड़ का ठीकरा अधिकारियों पर फोड़ा है। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, ऐसा नहीं होना चाहिए था। मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद ऐसी घटना कभी नहीं हुई। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि यह अधिकारियों की गलती के कारण हुआ है, इसलिए हमने कार्रवाई की है। मैं समेत सभी लोग दुखी हैं।' मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) के सचिव और कोषाध्यक्ष के निमंत्रण पर विधान सौधा के सामने आरसीबी टीम के सम्मान समारोह में शामिल हुए थे।
पुलिस आयुक्त के साथ पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया
घटना के बाद बंगलूरू पुलिस आयुक्त बी दयानंद को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में तत्कालीन पुलिस आयुक्त को बलि का बकरा बनाए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि अकेले आयुक्त को निलंबित नहीं किया गया है। उनके साथ पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है और खुफिया प्रमुख को भी बदल दिया गया है। उन्होंने कहा, 'मेरे राजनीतिक सचिव के गोविंदराज को हटा दिया गया है। हमने कई कार्रवाई की हैं, अकेले पुलिस आयुक्त पर नहीं।'
सुहास शेट्टी की हत्या पर मुख्यमंत्री ने कहा-
हिंदुत्व कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( NIA) को सौंपने के बारे में पूछे जाने पर सीएम ने कहा कि इस विषय पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने मुझसे बात की है। मैंने उन्हें सलाह दी है कि वे महाधिवक्ता से परामर्थ करें। उसके बाद ही इस मुद्दे पर कोई फैसला लिया जा सकता है।