कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने राज्य की 18 ऐसी परियोजनाओं का जिक्र किया है जो लंबे समय से अटकी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने इन कामों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कर्नाटक पहुंचे। इस दौरान, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बंगलूरू हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद पीएम ने मांड्या जिले में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के साथ 'सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम' नाम ती पुस्तक का विमोचन भी किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें राज्य की मांगों की सूची सौंपी।
सीएम के पत्र में क्या?
सिद्धारमैया ने अपने पत्र में लिखा कि कर्नाटक देश के खजाने में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले राज्यों में से एक है। आर्थिक और सामाजिक विकास में भी यह राज्य आगे है। इसके बावजूद कई जरूरी मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को सुलझाने से न केवल कर्नाटक की प्रगति तेज होगी, बल्कि संघीय ढांचा भी मजबूत होगा।
इन परियोजनाओं का हुआ जिक्र
प्रधानमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में मुख्यमंत्री ने जिन प्रमुख परियोजनाओं का जिक्र किया, उनमें कोलार में रेलवे कोच फैक्ट्री, मैसूरु तक हाई-स्पीड रेल का विस्तार और बंगलूरू-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं। उन्होंने बंगलूरू उपनगरीय रेल के लिए फंड जारी करने की भी मांग की।
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पानी से जुड़ी समस्याओं पर मुख्यमंत्री ने मेकेदातु पेयजल परियोजना को जल्द मंजूरी देने पर जोर दिया। यह परियोजना बंगलूरू के पीने के पानी के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने अपर भद्रा परियोजना और अपर कृष्णा परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की भी मांग की। इसके अलावा महादायी (कलसा नाला) परियोजना के लिए वन्यजीव मंजूरी और नदियों को जोड़ने की योजनाओं में कर्नाटक का उचित हिस्सा मांगा।
फंड के मामले पर भी रखा बात
फंड के मामले में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार पर कर्नाटक का काफी पैसा बकाया है। उन्होंने कहा कि बंगलूरू के लिए 6,000 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान और 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार 5,495 करोड़ रुपये का अनुदान अभी तक नहीं मिला है।
स्वास्थ्य और आरक्षण के मुद्दे पर भी रखी मांग
स्वास्थ्य और आरक्षण के मुद्दे पर सिद्धारमैया ने रायचूर में एम्स (AIIMS) की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे पिछड़े क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी। साथ ही उन्होंने कर्नाटक की 56 प्रतिशत आरक्षण नीति को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने और कुछ जातियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री इन विषयों पर जल्द फैसला लेंगे।
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