कर्नाटक बिहार के बाद जाति जनगणना कराने वाला देश का दूसरा राज्य बन सकता है। दरअसल, राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पत्रकारों से बातचीत में इस बात के संकेत दिए हैं कि राज्य सरकार की अगली कैबिनेट बैठक में जाति जनगणना को रखा जाएगा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को संकेत दिया कि जाति जनगणना को अगली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। विजयनगर में संवाददाताओं से बातचीत में सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'हमें पिछले साल रिपोर्ट मिली थी। रिपोर्ट को कैबिनेट के समक्ष रखा जाना है। हमने इस पर 160 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। देखते हैं कि कैबिनेट में क्या चर्चा और निर्णय होता है।'
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इसका या तो समर्थन होगा या विरोध होगा- सीएम
वहीं जाति जनगणना का विरोध करने वाले लोगों के बारे में पूछे जाने पर, सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'जाति जनगणना और आरक्षण का या तो समर्थन होगा या विरोध होगा।' बता दें कि, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के. जयप्रकाश हेगड़े ने 29 फरवरी, 2024 को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को सामाजिक-आर्थिक और शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपी, जिसे आमतौर पर जाति जनगणना रिपोर्ट के रूप में जाना जाता है। इससे कई पिछड़े समुदायों के बीच बहस शुरू हो गई है क्योंकि कुछ ने इसका विरोध किया है।
मंत्री एचके पाटिल ने पहले ही दी थी जानकारी
इससे पहले राज्य के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एच के. पाटिल ने 2 जनवरी को कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान कहा कि कैबिनेट अपनी अगली बैठक में जाति जनगणना पर चर्चा करेगी।