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सीएम की कुर्सी से येदियुरप्पा की छुट्टी, सोशल मीडिया पर नेताओं ने ऐसे ली चुटकी

Sat, 19 May 2018 06:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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कर्नाटक में शनिवार को बहुमत परीक्षण के दौरान महज 55 घंटे के लिए मुख्यमंत्री रहे बीएस येदियुरप्पा ने भावुक भाषण के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। येदियुरप्पा ने बहुमत परीक्षण के लिए जरूरी संख्याबल न होने के बाद इस्तीफे की पेशकेश की।
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 104 सीटें जीतने वाली भाजपा शनिवार को सदन में बहुमत परीक्षण कर बहुमत साबित करे। येदियुरप्पा के इस्तीफे के एलान के बाद तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है।

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि 'सदन की कार्रवाई लाइव होने से हर आम नागरिक प्रोटेम स्पीकर बना और प्रजांतत्र की रक्षा और जीत हुई।
 



वहीं राजीव शुक्ला ने कहा कि 'लोकतंत्र में खरीद-फरोख्त की कोई जगह नहीं। और भाजपा ऐसा करने में असमर्थ हुई और येदियुरप्पा को इस्तीफा देना पड़ा।
 

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 'लोकतंत्र की जीत हुई। कर्नाटक को बधाई। देवगौड़ा जी, कुमारस्वामी जी और कांग्रेस और अन्य लोगों को बधाई। क्योंकि यब 'क्षेत्रीय' फ्रंट की जीत है।
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कपिल सिब्बल ने कर्नाटक में पिछले कुछ दिनों से चल रही उठापटक पर जम कर चुटकी ली और कहा- चलो आखिरकार नाटक खत्म हुआ। उन्होंने कहा कि  गर्वनर ने इस पूरे मामले को बीजेपी के पक्ष में रखने की कोशिश की। लेकिन आखिरकार जीत लोकतंत्र की हुई। इस जीत का पूरा श्रेय कांग्रेस और जेडीएस को जाता है। सभी को बधाई। 
 

गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार के आक्रमण के खिलाफ खड़े होने के लिए सभी कांग्रेस, जेडीएस, और बसपा विधायकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आप सभी पार्टी आलाकमान के नेतृत्व के आगे डट कर खड़े रहे यह हम सबकी जीत है।
 


गवर्नर ने गलती की थी
शिवसेना का कहना है कि भाजपा के सीएम को विश्वास मत हासिल करने के लिए 15 दिन दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय यह दर्शाता है कि राज्य के गवर्नर वजूभाई वाला ने गलती की थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास ‘धनबल और बाहुबल’ है। कहा कि कर्नाटक में ताकत का खेल सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसने गवर्नर के आदेश को खारिज कर दिया।

बहुमत नहीं होने के बावजूद भी वजूभाई वाला ने जल्दबाजी में भाजपा के सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिन की समय सीमा को खत्म कर 24 घंटे के भीतर बहुमत साबित करने का आदेश दिया। यह दर्शाता है कि गवर्नर ने येदियुरप्पा का अधिक समर्थन किया।
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