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कर्नाटक: हिंदू मंदिरों को मिलेगी मौजूदा नियम-कानूनों से मुक्ति, नया कानून लाने की तैयारी में बोम्मई सरकार

Wed, 29 Dec 2021 10:33 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हुबली

सार

मुख्यमंत्री बसवराज बोन्नई ने ने कहा कि यह हमारे बुजुर्गों की इच्छा है कि हिंदू मंदिरों को ऐसे कानूनों और नियंत्रणों से आजाद किया जाए जो उन पर विभिन्न प्रतिबंध लगाते हैं। हमारी हमारी सरकार बजट सत्र से पहले इसे लेकर कानून लेकर आएगी।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक सरकार ऐसा कानून लाने की तैयारी कर रही है जो राज्य में स्थित हिंदू मंदिरों को उन वर्तमान नियम-कानूनों से मुक्ति प्रदान करेगा, जिनके तहत वह नियंत्रित किए जा रहे हैं। इस बात का एलान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को हुबली में किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धर्मांतरण विरोधी अधिनियम के कानून बनने के बाद इसे लागू करने के लिए सरकार एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करेगी।

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बोम्मई ने कहा, 'हमारे वरिष्ठों ने मुझे कई बातों के बारे में बताया है... विभिन्न कानूनों के तहत अन्य समुदायों के पूजा के स्थान सुरक्षित हैं और उन्हें गतिविधियां संचालित करने की पूरी अनुमति है। लेकिन हमारे हिंदू मंदिरों को विभिन्न सरकारी नियम-कानूनों व नियंत्रणों के अधीन किया गया है। ऐसी व्यवस्था है कि मंदिर के राजस्व का उपयोग अपने ही विकास के लिए करने के लिए अधिकारियों से अनुमति लेनी पड़ती है।'

आगामी बजट सत्र से पहले लेकर आएंगे नया कानून
हुबली में राज्य भाजपा कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे बुजुर्गों की इच्छा है कि हिंदू मंदिरों को ऐसे कानूनों और नियंत्रणों से आजाद किया जाए। बोम्मई ने कहा, 'हमारी सरकार बजट सत्र से पहले इस संबंध में एक कानून लेकर आएगी। हम अपने मंदिरों को ऐसे कानूनों और शर्तों से स्वतंत्र करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मंदिरों का प्रबंधन स्वतंत्र रूप से किया जाना सुनिश्चित हो।'

धर्मांतरण विरोधी विधेयक के बाद अगला बड़ा कदम
इस घोषणा को विवादित कर्नाटक धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की सुरक्षा विधेयक 2021 के बाद बोम्मई सरकार का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है। इस विधेयक को धर्मांतरण विरोधी विधेयक के नाम से भी जाना जाता है। यह विधेयक बेलगावी में हाल ही में हुए विधानसभा सत्र के दौरान पारित हो गया था। हालांकि, कानून बनने के लिए इसे अभी विधान परिषद में पेश किया जाना है और पारित किया जाना है।

स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करने की भी कही बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण विरोधी विधेयक की जरूरत लंबे समय से महसूस हो रही थी और इस पर काम इसीलिए हो पाया क्योंकि भाजपा इसे लेकर प्रतिबद्ध थी। उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित करने के साथ कि यह विधेयक कानून बने, मैं इसे लागू करवाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन करूंगा। इसके साथ ही विधेयक को लेकर विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों को लेकर भी बोम्मई ने हमला बोला।
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कांग्रेस पर बोला हमला, कहा- सत्ता में नहीं आने वाले
विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने बयान दिया था कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद इस प्रस्तावित विधेयक को तत्काल प्रभाव से खारिज कर देगी। इसे लेकर बोम्मई ने कहा कि उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा और यह एक बहुत बड़ा कारण है कि आप (कांग्रेस) सत्ता में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है और यह तब तक रहेगा जब तक आसमान में सूरज और चांद रहेंगे।
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