कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार एक अक्तूबर को एक ईद-मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान शिवमोगा में पथराव के जरिए हिंसा करने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कारर्वाई की है। भाजपा ने आरोप लगाया था कि राज्य में कांग्रेस सरकार के आने के बाद से हिंसा तेज हो गई है, जिसे सीएम सिद्धारमैया ने खारिज कर दिया।
सिद्धारमैया ने कहा, 'उनके (भाजपा) पास आरोप लगाने के अलावा और दूसरा क्या काम है? उनका एकमात्र काम आरोप लगाना ही है। सच नहीं बल्कि झूठे आरोप लगाना है।' उन्होंने बताया कि पथराव करने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को ईद-मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान शिवमोगा के दो इलाकों में कुछ लोगों के एक समुह ने पथराव किया था। इस पथराव में कई घरों की खिड़कियां टूट गई तो वहीं कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने बताया कि शिमोगा के रागी गुड्डा इलाके में रविवार को हुए हिंसा के बाद 24 एफआईआर दर्ज की गई है, जिसके तहत 60 लोगों को गिरप्तार कर लिया गया है। कफिलहाल इलाके में शांतिबनी हुई है।
राज्य गृह मंत्री जी परमेश्वरम ने मीडिया से बात करते हुए बताया, 'सबकुछ नियंत्रण में है। इसपर चिंता करने की कोई बात नहीं है। मामले की जांच जारी है और एडीजीपी कानून व्यवस्था वहां भेजा गया है।' जांच पूरी होने के बाद वो अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे। राज्य स्कूल शिक्षा मंत्री मधु बंगरप्पा आज रागी गुड्डा इलाके में वहां के लोगों से मिलने पहुंची।
भाजपा नेता और राज्य के पूर्व मंत्री सीटी रवि ने इस हिंसा के बाद न्यायिक जांच की मांग की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने चामराजनगर जिले में मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर राजनीति के दवाब में पुलिस के हाथ बांधने का आरोप लगाया। उनसे जब यह पूछा गया कि मुस्लिमों के समर्थन के कारण सिद्धारमैया सत्ता में आए है, तो उन्होंने कहा, हिंदुओं की रक्षा कौन करेगा?
सीटी रवि ने इस मामले में कहा, 'राज्य सरकार को इस सांप्रदायिक हिंसा की जिम्मेदारी राज्य सरकार को लेनी चाहिए। टिपु (सुल्तान) और औरंगजेब उस समय के आतंगवादी थे। वे हिंदुओं का नरसंहार के लिए अपनी राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने भारतीय अस्मिता को नष्ट करने की कोशिश की थी।'
उन्होंने आगे कहा, 'जब भवज ध्वज फहराया जाता है तब आप सवाल उठाते हैं और आरक्षण मांगते हैं। टिपु और औरंगजेब के पोस्टरों पर मौन क्यों? मुझे लगता है कि इस मामले में न्यायिक जांच की जानी चाहिए।' रविवार को हुए हिंसा में रवि ने परमेश्वरम के साथ राज्य सरकार को भी अक्षम बताया है।