कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चल रही अटकलों के बीच सीएम सिद्धारमैया ने सोमवार को अपनी स्थिति एक बार फिर स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि नेतृत्व के मुद्दे पर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान और राहुल गांधी को लेना है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व ने उन्हें सूचित किया है कि वे इस मामले पर निर्णय लेंगे और पार्टी का हर सदस्य उस फैसले का पालन करेगा। सिद्धारमैया का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें खरगे ने कहा था कि नेतृत्व को लेकर भ्रम केवल स्थानीय स्तर पर है, हाईकमान के भीतर नहीं।
हाईकमान को दोष देने के बजाय खुद जिम्मेदारी लेनी चाहिए
साथ ही खरगे ने यह भी कहा था कि स्थानीय नेताओं को अंदरूनी कलह के लिए हाईकमान को दोष देने के बजाय खुद जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस पर सिद्धारमैया ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें खरगे के बयान के विवरण के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन वे हाईकमान के हर आदेश के लिए तैयार हैं। राज्य में सत्ता की खींचतान तब और तेज हो गई जब 20 नवंबर को कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय (ढाई साल) पूरा कर लिया। जब मुख्यमंत्री से उनके कार्यकाल की अवधि और स्थिति स्पष्ट होने के समय के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सब हाईकमान पर निर्भर है।