कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई।
- फोटो : अमर उजाला
कर्नाटक पुलिस ने चित्रदुर्ग जिले के एक मठ के प्रमुख और लिंगायत संत समेत पांच के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मठ के मुख्य पुजारी से जुड़े इस मामले में जांच जारी है। जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने पुजारी और आरोपों के बारे में कोई अन्य टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस को जांच के लिए पूरी आजादी है, वह जांच करेगी और सच्चाई को सामने लाएगी। पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और चित्रदुर्ग में अपहरण का भी मामला है। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है। ऐसी स्थिति में, टिप्पणी करना या मामले की व्याख्या करना जांच के लिए अच्छा नहीं है।
गौरतलब है कि मैसूर शहर की पुलिस ने हाई स्कूल की लड़कियों के कथित यौन शोषण के लिए पॉक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की कुछ धाराओं के तहत चित्रदुर्ग के मुरुघा मठ के शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की शिकायत के आधार पर नजराबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी की शिकायत के आधार पर मठ के छात्रावास के वार्डन समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। जानकारी के मुताबिक, लड़कियों ने मैसूर स्थित एक गैर-सरकारी संगठन 'ओदानदी सेवा संस्थान' से संपर्क किया और काउंसलिंग के दौरान अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया और पुलिस ने मामला दर्ज किया।
चित्रदुर्ग में दर्ज शिकायत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुरुघा मठ सलाहकार समिति के सदस्य एन बी विश्वनाथ ने कहा है कि पुजारी के खिलाफ आरोपों में सच्चाई नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इस आरोप के पीछे मठ के प्रशासनिक अधिकारी एस के बसवराजन का हाथ है, जोकि पूर्व विधायक हैं। एक महिला की शिकायत पर चित्रदुर्ग में बसवराजन के खिलाफ यौन उत्पीड़न और अपहरण का मामला दर्ज किया गया है, जिसे मठ में एक कर्मचारी बताया जाता है।