सीबीआई ने 4,000 करोड़ के आई मोनेटरी एडवाइजर (आईएमए) पोंजी घोटाला मामले में मंगलवार को कर्नाटक के पूर्व मंत्री रोशन बेग के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। इससे बंगलूरू स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में इससे पहले के आरोपपत्र में जांच एजेंसी ने आईएमए समूह के तत्कालीन प्रबंध निदेशक मंसूर खान, बेग की कंपनी दानिश प्रकाशन और अन्य के नाम भी शामिल किए थे। आरोपपत्र में कहा गया है कि पूर्व मंत्री ने चुनाव खर्च के लिए आईएमए से करोड़ों रुपये लिए थे।
बता दें कि करोड़ों रुपये के आईएमए पोंजी घोटाले के मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री आर रोशन बेग को बुधवार को अदालत ने तीन दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था। सीबीआई के एक सूत्र ने कहा, 'आईएमए घोटाले में उनकी भूमिका की और जांच के लिए हमें रोशन बेग की 28 नवंबर तक तीन दिन की हिरासत मिली है।'
पिछले साल पार्टी से बगावत करने पर उन्हें कांग्रेस विधायक के तौर पर अयोग्य ठहराया गया था। बेग को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि पोंजी घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद मंसूर खान से बेग का ‘आमना-सामना’ कराया जाएगा। खान 27 नवंबर तक सीबीआई हिरासत में है।
बेग की गिरफ्तारी 22 नवंबर को इस मामले में एक अन्य आरोपी बंगलूरू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रशासन) हेमंत निंबालकर से पूछताछ के बाद हुई है। सूत्रों ने कहा कि करोड़ों रुपये का यह घोटाला कर्नाटक स्थित आईएमए और उसके समूह की कंपनियों द्वारा कथित तौर पर ज्यादा लाभ का लालच देकर लोगों से करीब 4000 करोड़ रुपये की ठगी कर अंजाम दिया गया। आरोपियों ने निवेश के इस्लामी तरीकों को अपनाने का झांसा देकर लोगों को ठगा।