कर्नाटक में सोमवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से ही कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल बना हुआ है। 19 नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद से कई विधायक और उनके समर्थक खुलकर विरोध पर उतर आए हैं। इस बड़े राजनीतिक संकट को टालने और विधायकों को मनाने के लिए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला मैदान में उतर चुके हैं।
क्या संकट टालने में सफल होगी कांग्रेस पार्टी?
पार्टी नेतृत्व इस समय पूरी तरह से 'डैमेज कंट्रोल' की कोशिशों में जुटा है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद और कई वरिष्ठ मंत्रियों ने भी बागी नेताओं से अलग-अलग मुलाकातें की हैं।
हालांकि, मनाने की इन कोशिशों के बीच मंत्री पद पाने से चूके वरिष्ठ और समान विचारधारा वाले विधायकों ने एकजुट होकर अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए जल्द ही एक बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।
क्या अब शांत होगा आंतरिक विरोध?
पार्टी के इस संपर्क अभियान का शुरुआती असर देखने को मिला है। इंडी विधानसभा सीट से विधायक यशवंतरायगौडा वी. पाटील ने सोमवार को अपने विधायक पद से जो इस्तीफा दिया था, उसे उन्होंने बुधवार को वापस ले लिया है। उन्होंने विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा वापस लेने की आधिकारिक जानकारी दी। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के समझाने-बुझाने के बाद पाटील ने यह कदम उठाया।
इस बीच, कई अन्य विधायकों की ओर से इस्तीफा देने की दी जा रही धमकियों पर मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मंगलवार को साफ चेतावनी दी कि यदि कोई विधायक इस्तीफा देता है, तो पार्टी उसे कुछ ही मिनटों में स्वीकार कर लेगी। इसके साथ ही उन्होंने धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न बोर्डों और निगमों में अध्यक्ष पदों पर नियुक्तियां जल्द की जाएंगी।
कर्नाटक कांग्रेस विवाद से जुड़ी पांच बड़ी बातें
1.गुब्बी विधायक के बदले सुर
गुब्बी से विधायक एस. आर. श्रीनिवास ने मंगलवार को मंत्री न बनाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई थी। लेकिन बुधवार को सीएम शिवकुमार से मुलाकात के बाद उन्होंने नरमी दिखाई। हालांकि, उन्होंने अपने पूर्व नेता और जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी की भी तारीफ की।
2. नेताओं का घर-घर जाकर संवाद
मंत्रियों के एक समूह ने वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री टीबी जयचंद्र के साथ-साथ बंगलूरू के विधायक एम. कृष्णप्पा और उनके बेटे प्रिया कृष्णा से मुलाकात कर उन्हें मनाया। बुधवार शाम सीएम और सुरजेवाला ने खुद कृष्णप्पा के घर जाकर लंबी चर्चा की।
3.बीके हरिप्रसाद का मोर्चा
पार्टी अध्यक्ष हरिप्रसाद ने वरिष्ठ नेता एचके पाटील, दिनेश गुंडू राव, टीबी जयचंद्र, बांगरपेट के विधायक नारायणस्वामी और सागर से विधायक बेलूर गोपालकृष्ण के आवास पर जाकर व्यक्तिगत बातचीत की।
4.30 से 35 विधायकों की बैठक का दावा
विधायक नारायणस्वामी ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि 30 से 35 समान विचार वाले विधायक, जिन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली है, जल्द ही अलग बैठक कर अपनी रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा कि कोलार और चिकबल्लापुर जिलों को मंत्रिमंडल में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
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5.सिद्धारमैया की नाराजगी की अटकलें
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सोमवार के शपथ ग्रहण समारोह में न पहुंचने से उनके नाराज होने की खबरें जोरों पर हैं। हालांकि, उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया और सीएम शिवकुमार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वे अपने जन्मदिन के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे।
कैबिनेट समीकरण और आगे का रास्ता क्या?
कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित कुल 34 कैबिनेट पद स्वीकृत हैं। सोमवार को हुए विस्तार में 19 मंत्रियों के शामिल होने के बाद अब केवल एक पद खाली बचा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व की ओर से सिद्धारमैया की सिफारिशों को नजरअंदाज किए जाने से भी अंदरूनी खिंचाव बढ़ा है। बायदगी के विधायक बसवराज शिवन्नावर और एमएलसी उमाश्री से जुड़े फैसलों को लेकर भी पार्टी के अंदर सुगबुगाहट तेज है।