भाजपा ने चिक्कबल्लापुरा में अपने पहली जीत हासिल की। यहां से दो बार के कांग्रेस विधायक सुधाकर ने भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के एम अंजनप्पा को 34,801 वोटों से हराया। इस प्रकार गोकक में भाजपा के रमेश जर्किहोली के सामने उन्हीं के भाई व कांगेस प्रत्याशी लखन थे।
येदियुरप्पा के लिए विशेष जीत
केआर पेट सीट के तहत आने वाले बुकनकेरे में येदियुरप्पा पैदा हुए थे। यहां विशेष महत्व देते हुए उन्होंने यहां का चुनाव प्रबंधन अपने बेटे बीवाई विजयेंद्र को सौंपा था। जीत के बाद उन्होंने गौड़ा को विशेष शुभकामनाएं दी।
रमेश ने अपने भाई को 23,006 वोटों से हराया। वे यहां से पांच दफा कांग्रेस के टिकट पर जीत चुके थे। सतीश और सुधाकर दोनों उन 13 बागी विधायकों में शामिल थे, जिन्हें पिछली विधानसभा में अयोग्य करार दिए जाने के बावजूद भाजपा ने टिकट दिए थे।
भाजपा के बागी भी जीते
दूसरी ओर भाजपा से निकाले जाने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़े शरथ बचेगौड़ा ने भी होसाकोट सीट पर जीत हासिल की। उन्हें भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से निकाल दिया था।
जीत से उत्साहित प्रदेश के सीएम बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि कांग्रेस-जदएस के जिन पूर्व विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्य करार दिया था, उन्हें मंत्री बनाने का आश्वासन दिया गया है। वे इस वादे से पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें मंत्री पद मिलेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में भाजपा का आधार बढ़ाने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
साथ ही वे बोले कि मतदाताओं ने अपना निर्णय सुना दिया है, परिणाम आ चुके हैं। अब वे प्रदेश के विकास पर केंद्रित हो सकेंगे। अगले साढ़े तीन वर्ष जनता को अच्छा प्रशासन मिलेगा, इसमें सभी मंत्री व विधायक सहयोग करेंगे। उन्होंने विपक्ष को भी बिना बाधा अपना कार्यकाल पूरा करने में सहयोग देने की अपील की।
भाजपा : जनता ने कांग्रेस-जदएस को अयोग्य करार दिया
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने कहा कि कांग्रेस के सिद्धारमैया और जदएस के एचडी कुमारास्वामी ने भाजपा के प्रत्याशियों को विधानसभा से अयोग्य करार देने का किस्सा रचा था। अब खुद जनता की अदालत में ये दोनों अयोग्य घोषित हो गए हैं। जनता ने भाजपा प्रत्याशियों को योग्य करार दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि येदियुरप्पा सरकार अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल को सफलता से पूरा करेगी और प्रदेश का विकास होगा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने सोमवार को कांग्रेस विधायक दल नेता पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने उपचुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने संतोषजनक परिणाम न आने पर पछतावा जताया। साथ ही कहा कि इस्तीफा देना जरूरी कदम है, वे पार्टी के हित में इस्तीफा देते हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने भी सोमवार को इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने भी सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजा। साथ ही बताया कि वे पार्टी की हार की नैतिक ओर राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कुछ गलत हुआ है तो उसके अनुसार उन्हें निर्णय लेना होगा।
उपचुनाव के बाद ऐसे बदली तस्वीर
| पार्टी |
विधानसभा चुनाव 2018 |
विधानसभा चुनाव 2019 |
| कांग्रेस |
12 |
02 |
| भाजपा |
00 |
12 |
| जदएस |
03 |
00 |
| निर्दलीय |
00 |
01 |