कर्नाटक राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम ने राज्य की राजधानी बंगलूरू के लिए प्रस्तावित दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जगह की उपयुक्तता और व्यापक तकनीकी और वित्तीय संभाव्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ कंसल्टेंसी फर्म का चयन करने के लिए टेंडर जारी किया है।
ये है टेंडर की आखिरी तारिख
इसको लेकर बुनियादी ढांचा विकास मंत्री एम बी पाटिल ने शनिवार को कहा कि आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 12 जनवरी, 2026 है। मंत्री के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार राज्य सरकार ने प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए कनकपुरा रोड पर चूडाहल्ली और सोमनहल्ली में, साथ ही नेलमंगला के पास एक और जगह की पहचान की है।
पांच महीने के भीतर देनी होगी रिपोर्ट
उन्होंने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की एक उच्च-स्तरीय टीम ने इन जगहों का निरीक्षण किया है और एक रिपोर्ट सौंपी है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से चुनी गई कंसल्टेंसी फर्म को पांच महीने के भीतर सरकार को एक विस्तृत तकनीकी और वित्तीय संभाव्यता रिपोर्ट जमा करनी होगी।
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ऐसी कंपनियां डाल सकेंगी टेंडर
टेंडर में भाग लेने वालों पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि, जो फर्म पिछले पांच वर्षों में सालाना कम से कम 250 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पूरे कर चुकी हैं, और संबंधित क्षेत्र में कम से कम पांच प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंसी रिपोर्ट संभाली या तैयार की हैं, वो कंपनी टेंडर में भाग ले सकती हैं।
रखना होगा इन बातों का ध्यान
इसके साथ ही उन्होंने कहा चुनी गई कंसल्टेंसी फर्म तीनों पहचानी गई जगहों पर बारिश के पैटर्न, स्थलाकृति, बिजली की उपलब्धता, पानी की आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन, आसपास की आबादी, क्षेत्रीय विकास और एयरपोर्ट संचालन से होने वाले ध्वनि प्रदूषण जैसे मापदंडों का अध्ययन करेगी।
पाटिल ने कहा कि कंसल्टेंसी फर्म प्रस्तावित जगहों से मौजूदा कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट बनने के बाद विकसित किए जाने वाले बुनियादी ढांचा की आगे जांच करेगी। इसके अलावा, कार्गो हैंडलिंग और यात्री सेवाओं के साथ-साथ उनकी आर्थिक व्यवहार्यता का भी अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीनों जगहों के व्यापक मूल्यांकन के आधार पर, फर्म दूसरे एयरपोर्ट के लिए सबसे उपयुक्त जगह पर अपनी सिफारिश जमा करेगी।
भविष्य की जरूरतों के लिए हो रहा काम
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अभी पैसेंजर डेंसिटी के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है। 2033 तक, राज्य को एक और एयरपोर्ट की जरूरत होगी, और इसलिए दूरदर्शी सोच के साथ काफी पहले से ही कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि फिजिबिलिटी रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।