कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब पंचमसाली मठ के पीठाधीश्वर वचानंद स्वामी ने लिंगायत समुदाय के नेता मुरुगेश निरानी को सार्वजनिक रूप से मंत्री बनाने की मांग की।
दरअसल, मंगलवार को हावेरी में जब येदियुरप्पा मंच पर उपस्थित थे तो उस दौरान दोनों के बीच बहस छिड़ गई। तभी वचानंद स्वामी ने यह कहकर येदियुरप्पा को चिंतित कर दिया कि यदि मुरुगेश निरानी को मंत्री नहीं बनाया गया तो मुख्यमंत्री पंचमसाली लिंगायत समुदाय का समर्थन खो देंगे।
दरअसल, मंगलवार को हावेरी में जब येदियुरप्पा मंच पर उपस्थित थे तो उस दौरान दोनों के बीच बहस छिड़ गई। तभी वचानंद स्वामी ने यह कहकर येदियुरप्पा को चिंतक कर दिया कि यदि मुरुगेश निरानी को मंत्री नहीं बनाया गया तो मुख्यमंत्री पंचमसाली लिंगायत समुदाय का समर्थन खो देंगे।
स्वामी की इस बात पर येदियुरप्पा ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री बनाने के लिए 17 विधायकों ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया। यह उनका त्याग और पंचमसाली मठ का आशीर्वाद है जिसकी बदौलत मैं कर्नाटक का मुख्यमंत्री बना।
उन्होंने कहा कि आप मुझे सलाह दे सकते हैं कि अगले तीन वर्षों तक मुझे किस तरह सरकार चलानी है लेकिन यदि आप मेरा यह आग्रह स्वीकार नहीं कर सकते हैं तो मैं पद छोड़कर घर जाने को तैयार हूं। इसके बाद येदियुरप्पा से मंच पर वचानंद स्वामी की मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल करने के बारे में ऐसी फिलहाल कोई बातचीत नहीं हुई।
स्वामी की इस बात पर येदियुरप्पा ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री बनाने के लिए 17 विधायकों ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया। यह उनका त्याग और पंचमसाली मठ का आशीर्वाद है जिसकी बदौलत मैं कर्नाटक का मुख्यमंत्री बना।
उन्होंने कहा कि आप मुझे सलाह दे सकते हैं कि अगले तीन वर्षों तक मुझे किस तरह सरकार चलानी है लेकिन यदि आप मेरा यह आग्रह स्वीकार नहीं कर सकते हैं तो मैं पद छोड़कर घर जाने को तैयार हूं। इसके बाद येदियुरप्पा से मंच पर वचानंद स्वामी की मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल करने के बारे में ऐसी फिलहाल कोई बातचीत नहीं हुई।