फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

येदियुरप्पा और लिंगायत संत के बीच हुई बहस, सीएम बोले- मेरा आग्रह नहीं माना तो इस्तीफा दे दूंगा

Wed, 15 Jan 2020 12:36 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
विज्ञापन
BS Yediyurappa and Panchamasali Mutt seer Vachananda Swami - फोटो : ANI
विज्ञापन

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब पंचमसाली मठ के पीठाधीश्वर वचानंद स्वामी ने लिंगायत समुदाय के नेता मुरुगेश निरानी को सार्वजनिक रूप से मंत्री बनाने की मांग की। 

विज्ञापन


दरअसल, मंगलवार को हावेरी में जब येदियुरप्पा मंच पर उपस्थित थे तो उस दौरान दोनों के बीच बहस छिड़ गई। तभी वचानंद स्वामी ने यह कहकर येदियुरप्पा को चिंतित कर दिया कि यदि मुरुगेश निरानी को मंत्री नहीं बनाया गया तो मुख्यमंत्री पंचमसाली लिंगायत समुदाय का समर्थन खो देंगे। 

दरअसल, मंगलवार को हावेरी में जब येदियुरप्पा मंच पर उपस्थित थे तो उस दौरान दोनों के बीच बहस छिड़ गई। तभी वचानंद स्वामी ने यह कहकर येदियुरप्पा को चिंतक कर दिया कि यदि मुरुगेश निरानी को मंत्री नहीं बनाया गया तो मुख्यमंत्री पंचमसाली लिंगायत समुदाय का समर्थन खो देंगे। 
विज्ञापन


स्वामी की इस बात पर येदियुरप्पा ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री बनाने के लिए 17 विधायकों ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया। यह उनका त्याग और पंचमसाली मठ का आशीर्वाद है जिसकी बदौलत मैं कर्नाटक का मुख्यमंत्री बना। 

उन्होंने कहा कि आप मुझे सलाह दे सकते हैं कि अगले तीन वर्षों तक मुझे किस तरह सरकार चलानी है लेकिन यदि आप मेरा यह आग्रह स्वीकार नहीं कर सकते हैं तो मैं पद छोड़कर घर जाने को तैयार हूं।  इसके बाद येदियुरप्पा से मंच पर वचानंद स्वामी की मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल करने के बारे में ऐसी फिलहाल कोई बातचीत नहीं हुई। 

स्वामी की इस बात पर येदियुरप्पा ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री बनाने के लिए 17 विधायकों ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया। यह उनका त्याग और पंचमसाली मठ का आशीर्वाद है जिसकी बदौलत मैं कर्नाटक का मुख्यमंत्री बना। 

उन्होंने कहा कि आप मुझे सलाह दे सकते हैं कि अगले तीन वर्षों तक मुझे किस तरह सरकार चलानी है लेकिन यदि आप मेरा यह आग्रह स्वीकार नहीं कर सकते हैं तो मैं पद छोड़कर घर जाने को तैयार हूं।  इसके बाद येदियुरप्पा से मंच पर वचानंद स्वामी की मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में शामिल करने के बारे में ऐसी फिलहाल कोई बातचीत नहीं हुई। 
विज्ञापन


 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें