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दिल्ली में ईरानी विदेश मंत्री बोले- सुलेमानी को मारना अमेरिका की अज्ञानता और अहंकार को दर्शाता है

Wed, 15 Jan 2020 12:28 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ईरानी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी मुलाकात की - फोटो : ani
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अमेरिका से चल रहे तनाव के बीच ईरानी विदेशमंत्री जावेद जरीफ रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। उनसे जब मध्य पूर्व के ताजा हालात के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा कि स्थिति बहुत खतरनाक है।

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ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने बुधवार को कहा कि ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या ने संयुक्त राज्य अमेरिका की अज्ञानता और अहंकार को दिखाया है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन अपने दृष्टिकोण से चीजों को देखता है और क्षेत्र के हितों को ध्यान में नहीं रखता है।

जरीफ ने एक कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका अपने परिप्रेक्ष्य से चीजों को देखता है, उसे इस क्षेत्र के नजरिए से कोई मतलब नहीं है। सुलेमानी की हत्या अज्ञानता और अहंकार दिखाती है। 430 भारतीय शहरों में सुलेमानी की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राज्य के सचिव माइक पोम्पियो पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एकमात्र व्यक्ति थे, जिन्होंने सुलेमानी की मृत्यु पर इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के साथ जश्न मनाया।
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जरीफ ने कहा कि कौन सुलेमानी की हत्या का जश्न मना रहा है? राष्ट्रपति ट्रंप, माइक पोम्पियो और दायेश (आईएसआईएस का अरबी नाम)। इस महीने की शुरुआत में वाशिंगटन के बगदाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई हमले में सुलेमानी की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। सुलेमानी की मौत के बाद तेहरान ने इराक में अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के दो सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की थी। जिससे इस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ गया है।

हालांकि, जरीफ ने यूक्रेनी एयरलाइन्स को मार गिराने के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि यह तनाव के कारण हुआ। जरीफ ने कहा कि सुलेमानी की याद में ईरान की सड़कों पर करीब नौ लाख लोग उतरे थे। आप इतने लोगों को विरोध करने के लिए नहीं ला सकते हैं। एक विमान का नीचे गिरना एक गलती थी। 180 परिवार अपने प्रियजनों के खोने का शोक मना रहे हैं। यह तनाव के कारण हुआ।  

यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा संकट के कूटनीतिक समाधान का मौका है, जरीफ ने अमेरिका के साथ बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया। जरीफ ने कहा कि ईरान कूटनीति में रुचि रखता है। हमें अमेरिका के साथ बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है। अमेरिका ने परमाणु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया। हमने अमेरिका से एक समझौता किया था, जिसे उसने तोड़ दिया। अगर हम ट्रंप से समझौता करते हैं, तो यह कब तक चलेगा?


प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात 

रायसीना डॉयलाग में हिस्सा लेने आए ईरानी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात भी की। पीएम मोदी ने ईरानी विदेश मंत्री से कहा कि भारत क्षेत्र में शांति, स्थिरता के पक्ष में है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि विदेश मंत्री ने इस क्षेत्र के हालिया घटनाक्रम पर अपने नजरिए को साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता में भारत की बहुत रुचि है।

प्रधानमंत्री ने चाबहार परियोजना में प्रगति के लिए ईरानी नेतृत्व को धन्यवाद दिया। भारत में जरीफ का स्वागत करते हुए मोदी ने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर सितम्बर 2019 में राष्ट्रपति रूहानी के साथ हुई अपनी सौहार्दपूर्ण बैठक को याद किया।
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प्रधानमंत्री ने ईरान के साथ मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।

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