कोरोना वायरस के कारण देश में 600 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। वहीं 12 लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस का लोगों के मन में डर भी देखने को मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण कर्नाटक के उडुपी जिले में मिला। जहां 56 साल के व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली क्योंकि उसके कोरोना से संक्रमित होने की आशंका थी।
मृतक की पहचान गोपालकृष्ण मादीवाला के तौर पर हुई है। जो उडुपी तालुक के उप्पूर गांव के नरनाडू का रहने वाला था। सूत्रों का कहना है कि उनमें वायरस से संक्रमित होने के कोई खास लक्षण नहीं थे। वह रात के दो बजे तक जगे हुए थे और अपने परिवार के सदस्यों से बात कर रहे थे।
बुधवार को सुबह 5 बजे जब घर के अन्य लोग उठे तो उन्हें उनका शव घर के पास एक पेड़ से लटका हुआ मिला। उनके घर से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें लिखा है कि उन्हें अपने कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका है जिसके चलते वह अपनी जान ले रहे हैं।
नोट में परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक ने अपने एक दोस्त से कहा था कि उसे कोरोना संक्रमण है और उसे डर लग रहा है। पुलिस का कहना है कि बीमारी के डर की वजह से ही शायद उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया है।
मडीवाला कई वर्षों से कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम में ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे और हाल ही में नए चालकों के प्रशिक्षक के तौर पर तैनात हुए थे। इससे पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 35 साल के व्यक्ति ने सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के कोरोना से संक्रमित होने की आशंका थी।
मृतक सिडनी ऑस्ट्रेलिया से वापस आया था। हवाईअड्डे से उसे सीधे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तनवीर सिंह नाम का ये शख्स पंजाब का रहने वाला था। सिर दर्द की शिकायत के बाद संदिग्ध मरीज को इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से सफदरजंग अस्पताल लाया गया और आइसोलेशन में रखा गया था।