फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'नफरत छोड़े, वोट में हेरफेर रोकना सीखें': पीएम मोदी के बयान पर कपिल सिब्बल का तंज, सांसद ने और क्या कहा?

Thu, 08 Oct 2026 02:29 PM IST
अमन मौर्या पीटीआई, नई दिल्ली

सार

पीएम मोदी के 'सीखने की क्षमता कम न होने' वाले बयान पर कपिल सिब्बल ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम को नफरत छोड़ना, वोट में हेर-फेर रोकना और लोकतंत्र के सिद्धांतों का सम्मान करना सीखना चाहिए।
विज्ञापन
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत संकल्प सभा' में संबोधन को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने गुरुवार को तंज कसा है। पीएम ने कहा था कि वे चाहते हैं कि उनकी सीखने की क्षमता कम न हो। इस पर सिब्बल ने कहा कि आइए हम नफरत छोड़ना, वोट में हेर-फेर रोकना और लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों का सम्मान करना सीखें। सिब्बल का यह बयान प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत संकल्प सभा' को संबोधित करने के एक दिन बाद आया है। नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर यह सभा आयोजित की गई थी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: कर्नाटक: राहुल गांधी की हिरासत पर भड़की कांग्रेस, काला दिवस का किया आह्वान; केपीसीसी अध्यक्ष ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने क्या कहा था?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि आज भी मैं खुद को एक छात्र मानता हूं। मैं हर दिन कुछ नया सीखने की कोशिश करता हूं। इसीलिए आज मैंने भगवान से प्रार्थना की कि मेरी सीखने की क्षमता कम न हो। इस पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। सिब्बल ने लिखा कि सात अक्तूबर, 2026 प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैंने प्रार्थना की कि मेरी सीखने की क्षमता कम न हो'। आइए हम ये सीखें- अपने युवाओं, किसानों और आदिवासियों की बात सुनना, नफरत छोड़ना, दूसरों के सपनों को अपनाना, विविधता का सम्मान करना, वोट में हेर-फेर रोकना, लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों का सम्मान करना; बिना सिद्धांत के दल-बदल रोकना।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: ओडिशा में इंडिया गठबंधन का बंद: राज्य में सड़कें जाम, थमे पहिये; जानें किन प्रमुख मांगों पर अड़ा है विपक्ष

उन्होंने कहा कि बुधवार को 'हम यह करेंगे' का नारा देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत 2047 तक एक विकसित देश बन जाएगा, लेकिन उन्होंने चुनावों के दौरान जातिगत बंटवारे को एक बड़ी चुनौती बताया। मोदी ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि जो चीजें कभी नामुमकिन लगती थीं, वे अब मुमकिन हो गई हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें